कुसुमकसा, 4 अगस्त। संविदा शिक्षकों की हड़ताल के कारण जब शासकीय स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, कुसुमकसा में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका बनी, तब क्षेत्र के जागरूक एवं संवेदनशील जनप्रतिनिधि संजय बैस ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक अनुकरणीय पहल की। उन्होंने अपने साथियों, सेवानिवृत्त शिक्षकों और गांव के शिक्षित युवाओं का आह्वान किया कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों की शिक्षा बाधित नहीं होने दी जाएगी।संजय बैस के एक आह्वान पर सेवानिवृत्त शिक्षक एवं समाजसेवी तत्काल विद्यालय पहुंचे और कक्षा पहली से लेकर ग्यारहवीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित कीं। शिक्षकों ने बच्चों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ अनुशासन, व्यक्तित्व विकास, अध्ययन की सही पद्धति और जीवन में सफलता के सूत्र भी बताए। विद्यालय का माहौल पूरे दिन सामान्य रहा और बच्चों की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रही।सेवानिवृत्त शिक्षक रूपनारायण सिन्हा ने कहा कि वर्षों बाद फिर से कक्षा में पढ़ाने का अवसर मिला, जिससे पुराने दिन ताजा हो गए। उन्होंने कहा कि संजय बैस द्वारा सम्मानपूर्वक दिए गए आमंत्रण को स्वीकार कर शिक्षा सेवा का अवसर प्राप्त हुआ, यह उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जब भी आवश्यकता होगी, वे शिक्षा व्यवस्था के लिए सदैव तैयार रहेंगे।इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक मोहन दास मानिकपुरी, डॉ. नसीम खान, पर्यावरण जिला संयोजक कमलकांत साहू, ग्राम पंचायत पंच पंकज जेठवानी, मोती कुचेरिया, हितेश गुप्ता, महेंद्र सुथार, भूजल सिन्हा, पूरन चुरेंद्र सहित अनेक समाजसेवियों और युवाओं ने भी विभिन्न कक्षाओं में बच्चों का मार्गदर्शन किया।कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों के साथ संजय बैस ने स्वयं मध्याह्न भोजन का स्वाद चखा और भोजन बनाने वाले कर्मचारियों का स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन तैयार करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “शिक्षा किसी भी परिस्थिति में रुकनी नहीं चाहिए। समाज यदि आगे आए तो हर चुनौती का समाधान संभव है। बच्चों का भविष्य हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।”संजय बैस ने इस जनसहयोग के लिए सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों, युवाओं एवं सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। क्षेत्र में उनकी इस पहल की व्यापक सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक दिन की व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज के सहयोग से शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रेरणादायक उदाहरण है।















