*वार्ड पार्षद शिवानी रजत भंसाली ने संभाला मोर्चा, कलेक्टर को शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई*
*डौंडीलोहारा (बालोद):* नगर पंचायत डौंडीलोहारा के वार्ड क्रमांक 10 एवं 11 में रहवासी क्षेत्रों के बीच संचालित कबाड़ व्यवसाय और उनके द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण से आम नागरिकों का जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। कई बार शिकायतों और प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वार्डवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

इस पूरे मामले की शिकायत अब सीधे माननीय मुख्यमंत्री जी से करने की तैयारी की जा रही है।वार्ड क्रमांक 11 की पार्षद श्रीमती शिवानी रजत भंसाली ने इस गंभीर समस्या को लेकर जिला कलेक्टर महोदया को विस्तृत शिकायती पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी, किंतु शिकायत के पश्चात भी प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं।*बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा*वार्ड क्रमांक 10 एवं 11 पूर्णतः आवासीय क्षेत्र हैं, जहाँ कबाड़ व्यवसायियों द्वारा बड़े-बड़े ट्रक, मेटाडोर और पिकअप वाहनों को सड़कों पर खड़ा कर लोडिंग-अनलोडिंग की जाती है। कबाड़ सामग्री सड़क और मुख्य मार्ग तक फैला दी जाती है, जिससे आम नागरिकों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे भयावह स्थिति यह है कि बच्चों की खेलने की जगह भी सुरक्षित नहीं बची है, क्योंकि वहां भी कबाड़ सामग्री भर दी गई है।स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि सड़कों पर कांच के टुकड़े, लोहे की धारदार कतरनें और अन्य खतरनाक सामग्री बिखरी रहती हैं। आसपास खेलने वाले मासूम बच्चों के घायल होने का खतरा लगातार बना हुआ है। वहीं, आए दिन वाहन चालकों के टायर पंचर हो रहे हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती जा रही है।गर्मी के मौसम में प्लास्टिक एवं अन्य ज्वलनशील कबाड़ सामग्री के कारण आग लगने की भी आशंका बनी हुई है, जिससे पूरे मोहल्ले की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।*पानी की समस्या और आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित*वार्ड में पहले से ही पानी की समस्या बनी हुई है। सड़कों पर खड़े भारी वाहनों और अतिक्रमण के कारण पानी के टैंकरों का आवागमन बाधित होता है। इतना ही नहीं, किसी आकस्मिक स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति में एम्बुलेंस अथवा अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है, जो अत्यंत चिंताजनक विषय है।*प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल*स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस समस्या से जिला प्रशासन, नगर पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी, तहसील प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की यह चुप्पी और निष्क्रियता आमजन में असंतोष और आक्रोश को जन्म दे रही है।मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांगपार्षद शिवानी रजत भंसाली ने कहा कि जब स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा, तब अब इस पूरे मामले की शिकायत सीधे माननीय मुख्यमंत्री जी से की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और कबाड़ व्यापारियों को आवासीय क्षेत्र से हटाने के निर्देश नहीं दिए गए, तो वार्डवासियों के साथ मिलकर वे उग्र आंदोलन भी करेंगी, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी प्रशासन की होगी।















