दल्ली राजहरा। जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के बैनर तले संगठन के सचिव बसंत रावटे ने आईओसी राजहरा माइंस में कार्यरत श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर मुख्य महाप्रबंधक (खदान) को पत्र सौंपकर शीघ्र सकारात्मक निराकरण की मांग की है।
सौंपे गए पत्र में श्रमिक हित से जुड़े चार प्रमुख बिंदुओं को उठाया गया है। संगठन ने मांग की है कि माइंस में कार्यरत सभी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए खदानों में लागू सभी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। साथ ही ठेकेदारों के निविदा कार्यों में निर्धारित शर्तों के अनुरूप श्रमिकों को नियोजित किया जाए।
जन मुक्ति मोर्चा ने यह भी मांग की है कि ठेका कार्यों में कार्यरत जिन श्रमिकों का निधन हो गया है, सेवा निवृत्त हो चुके हैं अथवा अन्य कारणों से कार्य से वंचित हुए हैं, उनके स्थान पर नए श्रमिकों की नियुक्ति की जाए। इसके अलावा आरएलसी (केन्द्रीय) रायपुर द्वारा जारी आदेशों का पालन करते हुए पात्र श्रमिकों को कार्य में नियोजित करने की मांग भी की गई है।
संगठन के सचिव बसंत रावटे ने कहा कि श्रमिक हित से जुड़ी इन लंबित मांगों पर त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो जन मुक्ति मोर्चा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी बीएसपी प्रबंधन की होगी।
जन मुक्ति मोर्चा ने श्रमिकों के अधिकारों एवं रोजगार सुरक्षा को लेकर प्रबंधन से शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा जताई















