पश्चिम एशिया में उपजे अंतरराष्ट्रीय संकट और इसके चलते उत्पन्न हुई विशेष परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रदेश के सभी पेट्रोल-डीजल रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) के लिए आपातकालीन दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय (महानदी भवन, नवा रायपुर) द्वारा जारी आदेश के तहत अब पेट्रोल पंपों पर खुले रूप में ईंधन बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश क्रमांक GENS-2302/7/2025-FOOD के अनुसार, प्रदेश में संचालित सभी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों और रिटेल आउटलेट संचालकों को कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति केवल और सीधे उपभोक्ता के वाहन की टंकी में ही करेंगे। कोई भी संचालक अब किसी भी ग्राहक को ड्रम, बोतल, डिब्बे या जेरीकेन में खुला पेट्रोल-डीजल नहीं बेचेगा।

विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर ‘मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल (प्रदाय तथा वितरण का विनियमन और अनाचार निवारण) आदेश 2005’ के तहत “अनाधिकृत विक्रय” का मामला माना जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
किसानों और आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी विशेष छूट
आदेश में आम जनजीवन और कृषि कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए कुछ विशेष रियायतें भी दी गई हैं। वर्तमान में रबी सीजन की फसल कटाई और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए किसानों की डीजल मांग को इससे मुक्त रखा गया है। इसके अलावा जिला कलेक्टर द्वारा चिन्हित किए गए रेलवे, सड़क निर्माण, और भवन निर्माण जैसे समय-सीमा वाले शासकीय कार्यों को भी छूट दी गई है। साथ ही अस्पताल, एम्बुलेंस और मोबाइल टावर जैसी अति-आवश्यक सेवाओं के लिए भी ईंधन की खुली आपूर्ति जारी रखी जा सकेगी।विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले द्वारा जारी इस आदेश के अनुसार, किसानों और आवश्यक सेवाओं के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी SDM द्वारा मांग पत्र का कड़ा परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ही रिटेल आउटलेट्स से इन्हें खुले ईंधन की बिक्री की विशेष अनुमति प्रदान की जाएगी।















