पूरे देश सहित छत्तीसगढ़ में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम जनता सहित किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। हाल ही में लगातार तीन बार ईंधन के दामों में वृद्धि दर्ज की गई है, जिसने महंगाई की आग में घी डालने का काम किया है। अगर पूर्व में हुई मूल्य वृद्धियों पर नजर डालें, तो पहले भी अलग-अलग चरणों में क्रमशः 80 पैसे, 1 रुपये 50 पैसे और फिर 2 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई थी, जिससे तेल के दाम धीरे-धीरे आम आदमी की पहुंच से दूर होते चले गए। वर्तमान में स्थिति यह हो चुकी है कि जिले में पेट्रोल की कीमत 107.05 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 100.18 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। डीजल का आंकड़ा 100 रुपये के पार होने से सबसे बड़ा झटका कृषि क्षेत्र को लगा है।

इस बढ़ती हुई महंगाई का सबसे सीधा और गहरा
असर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के अंतिम छोर पर बसे वनांचल क्षेत्र साल्हेभट्टी में देखने को मिल रहा है। औंधी तहसील के अंतर्गत आने वाला यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील और दूरस्थ है, जिसकी सीमाएं पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से सटी हुई हैं। चारों ओर जंगलों से घिरे इस पिछड़े और वनांचल क्षेत्र में आजीविका का एकमात्र साधन खेती-किसानी है। ऐसे में डीजल के दाम सौ का आंकड़ा पार कर जाने से स्थानीय किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही हैं। ट्रैक्टर से खेतों की जुताई, पंप सेट से सिंचाई और फसलों के परिवहन का खर्च दोगुना होने की आशंका से किसान भाई एक बार फिर भारी आर्थिक तकलीफ और संकट का सामना करने को मजबूर हो रहे हैं।इधर, ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों और बाजार में पैदा हुई असमंजस की स्थिति को देखते हुए साल्हेभट्टी स्थित RJP फ्यूल प्रबंधन ने एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। पेट्रोल-डीजल की किल्लत न हो और क्षेत्र के सभी किसानों व नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जा सके, इसके लिए फिलहाल डिब्बों और जरकीनों में तेल देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। RJP फ्यूल के संचालक पीयूष मिश्रा ने क्षेत्रवासियों और विशेषकर किसान भाइयों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि जब तक ईंधन की आपूर्ति और कीमतें सामान्य रूप से पटरी पर नहीं आ जातीं, तब तक सभी संयम बनाए रखें। उन्होंने जनता से आग्रह किया है कि आपको वर्तमान में जितने पेट्रोल और डीजल की अत्यंत आवश्यकता हो, केवल उतना ही ईंधन लें और वाहनों में सीधे ही भरवाएं। संचालक का कहना है कि इस संकट की घड़ी में उनका मुख्य उद्देश्य हर एक व्यक्ति तक ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है, ताकि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी न मचे और सभी की जरूरतें पूरी हो सकें। वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी इस संकट काल में व्यवस्था को बनाए रखने के लिए इस अपील का समर्थन करते हुए सहयोग करने की बात कही है।















