
*चिखलाकसा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की छत का प्लास्टर गिरा, जर्जर भवन कभी भी बन सकता है बड़े हादसे का कारण*

*दल्ली राजहरा, बालोद।*दल्ली राजहरा और चिखलाकसा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य का एकमात्र सहारा शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिखलाकसा, दल्ली राजहरा की इमारत अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। भवन की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि वह कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।*रात 10 बजे गिरा प्लास्टर, दिन में होता तो जाती जान*प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 19 अक्टूबर को रात लगभग 10 बजे अस्पताल के ड्रेसिंग रूम का बड़ा हिस्सा छत से टूटकर नीचे गिर गया। उस वक्त ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और स्टाफ बाल-बाल बच गए। गनीमत रही कि हादसा रात में हुआ, अगर यही हादसा दिन के समय होता जब ड्रेसिंग रूम में मरीजों की लंबी लाइन लगी होती है, तो कई मरीजों को गंभीर चोट आना तय था।*हजारों मरीजों की जान जोखिम में*आपको बता दें कि यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केवल चिखलाकसा का नहीं, बल्कि दल्ली राजहरा शहर और आसपास के दर्जनों गांवों का मुख्य स्वास्थ्य केंद्र है। यहाँ प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। OPD में हमेशा भीड़ लगी रहती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस जर्जर भवन की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।भवन की दीवारों का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ चुका है, छत और बीम में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, सीलन के कारण सरिया दिखने लगी है और बरसात में तो पूरी छत टपकती है। मरीजों को डर के साए में इलाज कराना पड़ रहा है।*ग्रामीणों में आक्रोश, जल्द मरम्मत की मांग*इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अस्पताल के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को इस जर्जर भवन के बारे में लिखित में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिला है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि किसी बड़ी जनहानि से पहले इस भवन का निरीक्षण कर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया जाए या नए भवन की स्वीकृति दी जाए, ताकि मरीजों और स्टाफ को सुरक्षित माहौल में स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।















