मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन इंटक दल्लीराजहरा द्वारा राजहरा लोह अयस्क खान समूह के नव नियुक्त महाप्रबंधक (प्रभारी) ए. के. सिंह जी का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर यूनियन के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने श्री सिंह जी को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। यूनियन प्रतिनिधियों ने आशा व्यक्त की कि उनके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राजहरा लोह अयस्क खान समूह निरंतर प्रगति करेगा तथा श्रमिकों एवं प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय और सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित होंगे।यूनियन की ओर से श्रमिकों के हितों, खान क्षेत्र के विकास एवं सकारात्मक औद्योगिक वातावरण के लिए प्रबंधन को हरसंभव सहयोग प्रदान करने की बात कही गई। यूनियन द्वारा एस बी यू – वन के संचालन का एक्सटेंशन पर पुनर्विचार किए जाने बाबत मांग पत्र सौंपा गया । इसमें निवेदन किया गया कि एस बी यू वन प्लांट बंद होने से उत्पादन एवं आर्थिक व्यवस्था लगभग 100 से 150 व्यक्ति प्रत्यक्ष रूप से तथा लगभग 1,000 व्यक्ति अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं। इसके अतिरिक्त बीएसपी पेलेट प्लांट को वेस्ट मटेरियल प्रक्रिया के बाद मिलने वाला फाइंस उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।वर्तमान में पेलेट प्लांट की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सिंटर फाइंस, जो सिंटर उत्पादों के लिए उपयोग किया जाना चाहिए, उसे पेलेट प्लांट को दिया जा रहा है। इससे अन्य उत्पादों की उपलब्धता प्रभावित होने के साथ-साथ बीएसपी को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।वित्तीय वर्ष में एसबीयू-1 के रिजेक्ट मटेरियल की प्रोसेसिंग की जानी थी, लेकिन एसबी-1 के बंद होने के कारण उक्त सामग्री को बिना आवश्यक प्रोसेसिंग के ही डिग्रेडेड मटेरियल को फाइनल कर उपलब्ध कराया जा रहा है और उसे पेलेट प्लांट में उपयोग किया जा रहा है। इस व्यवस्था से एसबी-1 की वास्तविक प्रोसेसिंग क्षमता का उपयोग नहीं किया गया।दूसरी ओर, एसबी-2 की उत्पादन क्षमता अभी तक 10% भी पूरी तरह चालू नहीं हो पाई है। इसके बावजूद एसबी-1 को बंद कर दिया गया है, जिसके कारण बीएसपी का सिंटर फाइंस पेलेट प्लांट को देना पड़ रहा है। यह स्थिति उत्पादन एवं आर्थिक दृष्टि से नुकसानदायक है।एसबीयू-2 के पूर्ण रूप से चालू होने तक एसबीयू-1 को एक्सटेंशन दिया जाना अधिक उचित एवं व्यावहारिक होता। वर्तमान में एस बी यू के हजारों टन मटेरियल को अपेक्षित प्रोसेसिंग के बिना उपयोग किया जा रहा है तथा मूल्यवान सेंटर फाइंस को पेलेट प्लांट में भेजना पड़ रहा है। इससे उत्पादन लागत, संसाधनों के उपयोग और समग्र आर्थिक परिणाम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।अतः एसबी-2 के पूर्ण रूप से चालू होने तक एसबी-1 के संचालन/एक्सटेंशन पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है। वर्तमान स्थिति प्रबंधन की योजना एवं संसाधन प्रबंधन में कमी की ओर संकेत करती है, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव उत्पादन, सामग्री की गुणवत्ता, उपलब्धता तथा बीएसपी के आर्थिक हितों पर पड़ रहा है।इस अवसर पर यूनियन के केंद्रीय कमेटी अध्यक्ष अभय सिंह राजहरा शाखा अध्यक्ष तिलकराम मानकर सचिव भूपेन्द्र कुमार दिल्लीवार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रतिराम कोसमा संजयरावत गौतम वर्मा वीरेन्द्र पटले प्रवीणशर्मा युवराजसाहू सुशील ताम्रकार बिल्सेजी प्रमोद गुप्ता मनीषमीना लक्ष्मण शर्मा सहित सदस्य गण उपस्थित थे।
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