October 28, 2026

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निडेली में जंगली जानवर के हमले से बछड़े की मौत, ग्रामीणों में भारी दहशत, वन विभाग ने शुरू की जांच

औंधी ( CG LIVE NEWS 24 ) : दक्षिण मानपुर के सीमावर्ती औंधी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम निडेली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक अज्ञात हिंसक जंगली जानवर ने मवेशी (बछड़े) को अपना शिकार बनाकर मौत के घाट उतार दिया है। इस घटना के बाद से पूरे निडेली गांव सहित आसपास के वनांचल इलाकों में भारी दहशत और खौफ का माहौल निर्मित हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से इस पूरे क्षेत्र में बाघ और तेंदुए की लगातार सक्रियता और चहल-कदमी देखी जा रही है, जिससे लोग अब अपने घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं। निडेली गांव में जैसे ही जंगली जानवर द्वारा मवेशी पर हमला कर उसे मारने की खबर फैली, वैसे ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और इसके बाद से ही लोगों ने जंगल की ओर आने-जाने में अत्यधिक सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।

इस गंभीर मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तत्काल तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। हालांकि, वन अधिकारियों के मुताबिक अभी तक यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मवेशी का शिकार वास्तव में किस हिंसक वन्य जीव ने किया है। जानवर की सटीक पहचान सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्र में जल्द ही ट्रैप कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है, ताकि वन्य प्राणी की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से लगातार सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या जंगली जानवर दिखाई देने पर तुरंत इसकी सूचना विभाग को दें।वर्तमान में क्षेत्र के भीतर तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य भी जोरों पर चल रहा है, जिसके कारण जंगल में लगे मजदूरों और ग्रामीणों के बीच भय का माहौल और अधिक गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए उन्हें रोजाना सुबह-सुबह घने जंगलों के भीतर जाना पड़ता है, जिससे उनकी जान का खतरा हमेशा बना रहता है। इससे पहले भी छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे महाराष्ट्र के हकाटोला क्षेत्र में एक बुजुर्ग व्यक्ति को बाघ ने अपना शिकार बना लिया था, वहीं नवागढ़, बागडोंगरी और वारकुंजी जैसे नजदीकी गांवों में भी बाघ और तेंदुए द्वारा मवेशियों के शिकार की कई घटनाएं लगातार सामने आ चुकी हैं। इन लगातार बढ़ती घटनाओं से चिंतित होकर ग्रामीणों ने अब वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत करने की पुरजोर मांग की है। मामले को लेकर औंधी क्षेत्र के रेंजर प्रवीण कुमार देहारी ने बताया कि जंगली जानवर की पहचान के लिए जल्द ही ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे, जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी कि मवेशी का शिकार किस जानवर ने किया है।

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