दल्लीराजहरा। समाज में जब भी जन्मदिन का जिक्र होता है, तो अक्सर हमारे जेहन में केक, मोमबत्तियां और शोर-शराबे की तस्वीरें उभरती हैं। लेकिन वार्ड नंबर 24, दल्लीराजहरा की निवासी और समाजसेवी श्रीमती राधा साहू ने अपनी पोती वामिका साहू (ओशी) के जन्मदिन को ‘सेवा और संस्कार’ के एक अनूठे उत्सव में बदलकर समाज के सामने एक प्रेरक मिसाल पेश की है।आज शहर के वृद्धाश्रम में एक बेहद भावुक और गरिमामय दृश्य देखने को मिला, जहाँ राधा साहू ने अपनी पोती के साथ पहुँचकर वृद्धजनों को साड़ियाँ और शर्ट भेंट किए। इस दौरान नन्हीं वामिका ने अपने छोटे-छोटे हाथों से बुजुर्गों को उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया।

इस सादगीपूर्ण आयोजन ने न केवल बुजुर्गों के अकेलेपन को दूर किया, बल्कि उनके चेहरों पर अपनत्व की मुस्कान भी बिखेर दी।इस अवसर पर समाजसेवी राधा साहू ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि बच्चों के जन्मदिन को केवल उत्सव तक सीमित न रखकर उसे सामाजिक सरोकार से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा, “बच्चों में बचपन से ही सेवा के संस्कार होने चाहिए। समाज के जरूरतमंदों और बुजुर्गों के साथ खुशियां बांटना ही असली उत्सव है।”वृद्धाश्रम परिवार ने इस नेक पहल की मुक्त कंठ से सराहना की। वहाँ मौजूद बुजुर्गों ने बच्ची वामिका को ढेर सारा प्यार दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्रदान किया। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, सम्मान और सेवा की भावना को नई मजबूती प्रदान करते हैं। यह पूरा आयोजन न केवल यादगार रहा, बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बना।















