संगठन का आरोप – टेंडर प्रक्रिया में देरी से सैकड़ों मजदूर बेरोजगार, समझौते के तहत नियमित काम नहीं मिला तो होगा लोकतांत्रिक आंदोलन*दल्ली-राजहरा (बालोद):* भिलाई इस्पात संयंत्र के लौह अयस्क कॉम्प्लेक्स (IOC) राजहरा की खदानों में बंद पड़े निविदा कार्यों को लेकर जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने मुख्य महाप्रबंधक (खदान) IOC राजहरा को स्मरण पत्र सौंपकर सभी बंद एवं संचालित निविदा कार्यों की अवधि समाप्त होने से पूर्व नई टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने की मांग की है।जन मुक्ति मोर्चा ने अपने पत्र में बताया है कि संगठन द्वारा पूर्व में 04 अगस्त 2026 को भी इस संबंध में पत्र दिया गया था, लेकिन प्रबंधन द्वारा अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।*पत्र में तीन प्रमुख कार्य गिनाए गए हैं जिनकी अवधि समाप्त हो चुकी है:**1. हितकसा डैम स्लज डिसिल्टिंग कार्य:* दल्ली माइंस के हितकसा डैम में एम.एल.जे. इंटरप्राइजेज द्वारा किया जा रहा कार्य 07 जुलाई 2026 को ही समाप्त हो चुका है।*2. BSB प्लांट (SBU) का टेंडर:* दल्ली माइंस में बी.एस.बी. के प्लांट का टेंडर 30 जून 2026 से बंद पड़ा है।*3. क्रशिंग प्लांट का कार्य:* दल्ली माइंस में मेसर्स कुमार कार्गो साल्युशन द्वारा संचालित क्रशिंग प्लांट का कार्य 19 जुलाई 2026 से बंद है।संगठन का कहना है कि इन सभी कार्यों में बड़ी संख्या में ठेका श्रमिकों की रोजी-रोटी सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। समय पर नई निविदा प्रक्रिया पूरी नहीं होने से सैकड़ों श्रमिकों के सामने बेरोजगारी की स्थिति निर्मित हो गई है।पत्र में मांग की गई है कि पूर्व समझौते के अनुसार मजदूरों को नियमित कार्य उपलब्ध कराया जाए और श्रमिक हितों का पालन सुनिश्चित किया जाए।जन मुक्ति मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो संगठन मजदूर हित में लोकतांत्रिक तरीके से संघर्षात्मक कार्यवाही के लिए बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी प्रबंधन की होगी।














