छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की पुलिस भर्ती परीक्षा की सूची में सामने आए कुछ अभ्यर्थियों के नामों को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा जिस तरह से बयानबाजी की जा रही है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लाखों मेहनती अभ्यर्थियों का अपमान है।भाजयुमो के प्रदेश नीति एवं अनुसंधान सह प्रमुख रविंदर गुप्ता ने कहा कि केवल किसी अभ्यर्थी का नाम असामान्य लगने के आधार पर उसकी योग्यता, परीक्षा परिणाम और पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करना कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।CGPSC स्वयं स्पष्ट कर चुका है कि सूची में दिखाई दे रहे नाम अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन के दौरान दर्ज किए गए वास्तविक नाम हैं। संबंधित अभ्यर्थी भी सामने आकर अपने दस्तावेजों के साथ अपनी पहचान स्पष्ट कर चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस नेताओं द्वारा बिना तथ्य और बिना प्रमाण के युवाओं की मेहनत पर सवाल उठाना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि उन अभ्यर्थियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला भी है।रविंदर गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस को नाम देखकर फर्जीवाड़ा दिखाई देता है, लेकिन अपने शासनकाल में CGPSC में सामने आए वास्तविक घोटाले पर जवाब देते समय उसकी जुबान क्यों बंद हो जाती है? जिस CGPSC को कांग्रेस शासनकाल में विवादों और कथित अनियमितताओं के लिए देशभर में चर्चा मिली, उसी विषय पर आज कांग्रेस नैतिकता का पाठ पढ़ाने निकली है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और युवाओं के हितों की रक्षा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यदि किसी भर्ती में वास्तविक अनियमितता है तो उसकी जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई भी होनी चाहिए, लेकिन किसी अभ्यर्थी के नाम को ही संदेह का आधार बनाकर उसकी मेहनत और चरित्र पर सवाल उठाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।भाजयुमो प्रदेश नीति एवं अनुसंधान सह प्रमुख ने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि—क्या कांग्रेस के पास किसी अभ्यर्थी के फर्जी होने का कोई प्रमाण है?क्या कांग्रेस ने संबंधित दस्तावेजों की जांच की है?या फिर केवल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही बातों के आधार पर राजनीति की जा रही है?उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का युवा अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं,पारदर्शी व्यवस्था और निष्पक्ष अवसर चाहता है। भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी।कांग्रेस को सलाह है कि युवाओं की मेहनत का मजाक बनाने के बजाय अपने शासनकाल के CGPSC विवादों और घोटाले पर जवाब दे। नाम पर राजनीति करने से कांग्रेस के पुराने दाग नहीं धुलने वाले हैं।














