दल्लीराजहरा को नई (पूर्ण) तहसील बनाने के लिए वार्ड क्रमांक 21 के पार्षद भूपेंद्र श्रीवास द्वारा बालोद कलेक्टर के नाम एसडीएम को मांग पत्र सौंपा गया है। जिसमें उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में दल्लीराजहरा शहर डौंडी तहसील के अंतर्गत आता है जिसकी दूरी दल्लीराजहरा से 12 किमी है हर छोटे-छोटे कार्यों और दस्तावेजो के लिए आम जनता को भारी कठिनाइयों एवं आर्थिक व्यय का सामना करना पड़ता है अगर दल्लीराजहरा को नई तहसील बनाया जाए तो आम जनता को अन्यत्र जाने की जरूरत नहीं होगी। पार्षद भूपेंद्र श्रीवास ने बताया कि दल्लीराजहरा बालोद जिले का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला शहर है क्षेत्रफल की दृष्टि से भी दल्लीराजहरा बड़ा है इसके बावजूद यहां किसी भी चीज को सुविधा नहीं है कुछ वर्षों पहले दल्लीराजहरा की आबादी एक लाख के आसपास थी लेकिन शासकीय सुविधाओं के अभाव में आबादी घटकर 50000 के करीब रह गई है क्योंकि यहां उच्च शिक्षा एवं रोजगार नहीं है इसलिए बच्चों के भविष्य के लिए लोग बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं ऐसे में शहर उजड़ने की कगार पर है प्रशासनिक कार्यालयों एवं शासकीय सुविधाओं के शहर में होने से शहर का विकास हो पाएगा। शासन – प्रशासन द्वारा छोटे छोटे गांवों को नई तहसील के रूप में विकसित किया गया है जिसमें सन 2020 में अर्जुंदा और 2022 में मार्री बंगला देवरी को तहसील बनाया गया था लेकिन जिले की सबसे घनी आबादी वाले शहर को तहसील नहीं बनाया गया जो दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंतन का विषय है, जबकि व्यवसायिक दृष्टि से भी दल्लीराजहरा सैकड़ों गांवों एवं छोटे बड़े नगरों का एक बड़ा व्यापार का केंद्र बिंदु भी है। प्रशासन को दुर्ग भिलाई जैसा शहर और सुविधा दल्लीराजहरा में भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि लोग दुसरे जिलो पर निर्भर न रहें। पार्षद भूपेंद्र श्रीवास ने बताया कि समस्त राजहरा एवं आसपास के कई ग्रामीणों व क्षेत्रवासीयो द्वारा इस पत्र में मांग की जा रही है कि प्रशासनिक सुगमता से क्षेत्र के विकास कानून व्यवस्था और राजस्व कार्यों (भूमि रजिस्ट्री, प्रमाण पत्र) आदि के त्वरित निपटान के लिए दल्लीराजहरा में स्वतंत्र तहसील कार्यालय होना अनिवार्य है।















