दल्ली राजहरा और चिखलाकसा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य का एकमात्र सहारा शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिखलाकसा की जर्जर इमारत एक बार फिर हादसे का सबब बनी। पूर्व में समाचार प्रकाशित कर प्रशासन को आगाह किया गया था कि भवन कभी भी गिर सकता है और जान-माल की हानि हो सकती है, लेकिन प्रबंधन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।आज फिर उसी लापरवाही का नतीजा सामने आया, जब दिन के समय अस्पताल की छत का बड़ा प्लास्टर टुकड़ा भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि कोई मरीज उसकी चपेट में नहीं आया, लेकिन इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर और नर्स स्टाफ बुरी तरह दहशत में है।बताया जा रहा है कि यह अस्पताल दिन में सबसे ज्यादा व्यस्त रहता है, अगर प्लास्टर किसी मरीज या स्टाफ पर गिरता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।*भवन पूरी तरह जर्जर, सरिया आई बाहर*भवन की दीवारों का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ चुका है, छत और बीम में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, सीलन के कारण सरिया बाहर दिखने लगी है और बरसात में तो पूरी छत टपकती है। मरीजों को डर के साए में इलाज कराना पड़ रहा है।*जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे, प्रभारी मंत्री को लिखा पत्र*घटना की सूचना मिलते ही नगर पंचायत अध्यक्ष कुंती देवांगन, उपाध्यक्ष राजू रावटे पार्षदवार्ड नंबर 10 सुनीता गुप्ता वार्ड नंबर 8 पार्षद लल्लु टेकमतत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लेकर तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचना दी और प्रभारी मंत्री को पत्र लिखकर इस जर्जर भवन की मरम्मत या नए भवन निर्माण की मांग की है।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी से पहले इस भवन का निरीक्षण कर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया जाए, ताकि मरीजों और स्टाफ को सुरक्षित माहौल में स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।














