मोहला – मानपुर / प्रफुल कुमार बोरकर ( CG LIVE NEWS 24 ) – सीमावर्ती मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के अंतिम छोर पर बसे औंधी क्षेत्र से सटे वनांचल ग्राम राजकट्टा में इन दिनों शारदीय नवरात्रि पर्व की अभूतपूर्व और अलौकिक भक्तिमय धूम देखने को मिल रही है। पूरे अंचल में आदिशक्ति जगदम्बा की आराधना का यह पावन पर्व अपार श्रद्धा, उल्लास और पूर्ण धार्मिक वातावरण के बीच मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज नवरात्रि की पावन पंचमी तिथि के शुभ अवसर पर राजकट्टा स्थित माँ भगवती के दरबार में माता रानी का विशेष भव्य श्रृंगार एवं विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न होगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।विगत रात्रि नवरात्रि की चतुर्थी तिथि के अवसर पर राजकट्टा में पारंपरिक जस गीत एवं भक्ति जागरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया था। जस गीत के इस भक्तिमय कार्यक्रम में आसपास के ग्रामीण अंचलों से श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। जगराते और जस गीत की सुरीली धुनों पर पूरा पंडाल माता रानी के जयकारों से देर रात तक गूंजायमान रहा। कार्यक्रम के दौरान निर्मित भक्तिमय माहौल, भव्य मंच सज्जा और विशाल पंडाल में बैठने की विस्तृत व्यवस्था का अवलोकन करने पर यह स्पष्ट नजर आया कि वहाँ लगभग 300 से 400 से भी अधिक श्रद्धालु एक साथ

उपस्थित होकर देवी भक्ति में लीन थे। पंडाल में लगाई गई कुर्सियों से लेकर ज़मीन पर बिछाई गई कालीन व्यवस्था तक हर तरफ केवल श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आ रहे थे। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन की सबसे प्रमुख और सुंदर विशेषता यह रही कि इसमें गाँव एवं अंचल के हर वर्ग के लोगों की समान और उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। जस गीत के सुरीले भजनों, ढोलक और मांदर की पारंपरिक थाप पर जहाँ एक ओर महिलाएँ पूरी तल्लीनता से झूमती और ताली बजाती नज़र आईं, वहीं दूसरी ओर पुरुषों, युवाओं और छोटे-छोटे बच्चों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने आयोजन के उत्साह को दोगुना कर दिया। देर रात तक चले इस भक्ति कार्यक्रम में पहुँचे ग्रामीणों व भक्तों ने माता रानी के पावन दरबार में शीश नवाकर अपने परिवार तथा पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आरोग्यता की कामना की। आज पंचमी के पावन अवसर पर माता रानी के विशेष महा-श्रृंगार एवं विशेष पूजा-अर्चना को लेकर पूजा समिति एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। अलसुबह से ही माता के दर्शन एवं मनोकामना ज्योति कलश के दर्शन हेतु मंदिर परिसर में भक्तों का आना-जाना लगातार जारी है। संध्या काल में विशेष महाआरती एवं महाप्रसाद वितरण का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसे लेकर पूरे राजकट्टा और औंधी के समीपस्थ ग्रामीण अंचलों में भक्ति, आस्था और अध्यात्म का एक अलौकिक वातावरण बना हुआ है।














