November 1, 2026

ऐप डाउनलोड करें

लाइव टीवी

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण कर दी श्रद्धांजलि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा में इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनाई गई कलेक्टर ने शिक्षक बनकर बच्चों की ली कक्षा, पढ़ाई और स्कूल की सुविधाओं पर किया संवाद तरदा और सराईसिंगार के प्राथमिक शालाओं का किया निरीक्षण राज्योत्सव की तैयारियों का जिला पंचायत सीईओ ने लिया जायजाआयोजन स्थल पर मंच, सुरक्षा, पार्किंग और दर्शक व्यवस्था समय पर पूरी करने के दिए निर्देश पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त में कोरबा जिले के 79,138 किसानों को ₹15.94 करोड़ की सहायता, *नशीली दवाइयों और गांजा पर लगातार हो रही कार्रवाई पर श्रमिक नेता संजय सिंह ने बालोद जिला कलेक्टर से मिलकर जताया आभार*संजय सिंह का आमरण अनशन रंग ला रहा है
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण कर दी श्रद्धांजलि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा में इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनाई गई कलेक्टर ने शिक्षक बनकर बच्चों की ली कक्षा, पढ़ाई और स्कूल की सुविधाओं पर किया संवाद तरदा और सराईसिंगार के प्राथमिक शालाओं का किया निरीक्षण राज्योत्सव की तैयारियों का जिला पंचायत सीईओ ने लिया जायजाआयोजन स्थल पर मंच, सुरक्षा, पार्किंग और दर्शक व्यवस्था समय पर पूरी करने के दिए निर्देश पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त में कोरबा जिले के 79,138 किसानों को ₹15.94 करोड़ की सहायता, *नशीली दवाइयों और गांजा पर लगातार हो रही कार्रवाई पर श्रमिक नेता संजय सिंह ने बालोद जिला कलेक्टर से मिलकर जताया आभार*संजय सिंह का आमरण अनशन रंग ला रहा है

सेवा संकल्प अभियानआग की तपिश से ज्यादा तकलीफदेह थी गर्मी में पानी की मार, अब आंगन में बहती है नल की धारजल जीवन मिशन ने बदली अमलीपारा की तस्वीर, लोहार दम्पति सहित ग्रामीणों को अब ढोढ़ी से पानी लाने की मजबूरी नहीं

सवांददाता – सरोजकुमार चौहान

कोरबा @कोरबा जिले के कोरबा विकासखंड की दूरस्थ ग्राम पंचायत गिरारी के आश्रित ग्राम अमलीपारा में कभी गर्मी का मौसम आते ही पानी की चिंता सताने लगती थी। सूरज की तपिश बढ़ते ही गांव में पानी के लिए जद्दोजहद शुरू हो जाती थी। घरों की जरूरत पूरी करने के लिए ग्रामीणों को ढोढ़ी से पानी लाना पड़ता था। महिलाओं के साथ पुरुषों और बच्चों को भी पानी जुटाने में अपना समय लगाना पड़ता था। अब तस्वीर बदल गई है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से अमलीपारा के ग्रामीणों के आंगन में नियमित रूप से पानी की धार पहुंच रही है।गांव में रहने वाले लोहार दम्पति भारत लोहार और सुनीता लोहार इस बदलाव को अपने जीवन का बड़ा सुखद परिवर्तन मानते हैं। लोहे को गर्म कर उसे आकार और धार देने का काम करने वाले भारत लोहार के लिए आग की तपिश रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। गर्मी के दिनों में दिनभर भट्ठी की आग के सामने बैठकर मेहनत करना उनके काम का हिस्सा है, लेकिन वे बताते हैं कि आग की लौ से कहीं अधिक तकलीफ उन्हें गर्मी के दिनों में पानी की कमी से होती थी।भारत लोहार बताते हैं कि पहले गर्मी शुरू होते ही पानी की समस्या बढ़ जाती थी। घर की जरूरतों के लिए ढोढ़ी से पानी लाना पड़ता था। पानी लेने जाने में समय लगता था और कई बार काम छोड़कर पानी की व्यवस्था करनी पड़ती थी। इससे रोजी-रोटी का काम भी प्रभावित होता था। अब घर में ही नल से पानी मिलने लगा है, इसलिए पानी के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।= वे कहते हैं कि दिनभर लोहे को गर्म कर उसे धार देने के लिए आग के सामने बैठना पड़ता है, लेकिन गर्मी के दिनों में पानी की समस्या उससे भी ज्यादा परेशान करती थी। अब घर के आंगन में नल से पानी आता है, तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत और खुशी की बात है। घर तक पानी पहुंचने से समय भी बच रहा है और रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो गई है।सुनीता लोहार बताती हैं कि पहले गर्मी के मौसम में पानी जुटाना घर की सबसे बड़ी चिंता होती थी। सुबह और शाम पानी लाने में काफी समय निकल जाता था। परिवार के सभी सदस्यों को पानी की व्यवस्था में सहयोग करना पड़ता था। अब घर में ही नल कनेक्शन होने से पानी भरने के लिए कहीं बाहर नहीं जाना पड़ता। सुबह और शाम नियमित रूप से पानी मिलने से वे अपनी जरूरत के अनुसार पानी सुरक्षित रख लेती हैं और घरेलू काम भी आसानी से पूरे हो जाते हैं।अमलीपारा के ग्रामीण बताते हैं कि बारिश और अन्य मौसम में पानी की समस्या उतनी गंभीर नहीं होती थी, लेकिन गर्मी आते ही ढोढ़ी पर निर्भरता बढ़ जाती थी। अब जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से वर्षों पुरानी समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। घर के आंगन तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों को न केवल राहत मिली है, बल्कि उनका समय और श्रम भी बच रहा है।गांव के लोगों का कहना है कि घर तक पानी पहुंचने से सबसे बड़ा बदलाव महिलाओं के जीवन में आया है। पहले पानी लाने में घंटों समय और मेहनत लगती थी, अब उसी समय का उपयोग@ घर-परिवार, बच्चों और अपने दूसरे जरूरी कार्यों के लिए किया जा सकता है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीणों में संतोष और सुरक्षा की भावना भी बढ़ी है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अमलीपारा जैसे दूरस्थ गांवों में भी घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों से योजना का लाभ गांवों तक पहुंच रहा है और वर्षों से चली आ रही पेयजल की समस्या दूर हो रही है।@ अमलीपारा की कहानी बताती है कि घर के आंगन तक पहुंची पानी की एक धार केवल प्यास नहीं बुझाती, बल्कि समय, श्रम और चिंता को भी कम करती है। कभी गर्मी आते ही पानी के लिए परेशान होने वाला लोहार दम्पति और गांव के अन्य परिवार अब अपने घर में नल से पानी की धार देखकर राहत महसूस कर रहे हैं। उनके लिए यह केवल नल कनेक्शन नहीं, बल्कि आसान और बेहतर जीवन की नई शुरुआत है।

Saroj Chauhan
Author: Saroj Chauhan

Leave a Comment

और पढ़ें
1
Did you like our Portal?

Did you like our Portal?

राज्य चुनें