November 1, 2026

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भिलाई के लाल देवेश कतलम का भारतीय सेना में परचम: 9वें प्रयास में AIR-1 हासिल कर बने लेफ्टिनेंट, 104 इंजीनियर रेजीमेंट में मिला कमीशन

भिलाई ( CG LIVE NEWS 24 ) – अदम्य साहस, अटूट संकल्प और कभी हार न मानने के जज्बे की एक मिसाल पेश करते हुए भिलाई के सपूत देवेश कतलम ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्राप्त कर पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। 1 जनवरी 2002 को भिलाई में जन्मे देवेश कतलम ने 5 सितंबर 2026 को अपनी कड़ी ट्रेनिंग पूरी कर भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 104 इंजीनियर रेजीमेंट में बतौर सैन्य अधिकारी अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। उनकी यह सफलता केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत है जो सैन्य बलों में जाकर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं।

देवेश के पिता परमेश्वर सिंह कतलम और माता भानुमति कतलम ने हमेशा अपने बेटे को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। देवेश की प्रारंभिक शिक्षा भिलाई के सेक्टर 6 स्थित एमजीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई, जहां उन्होंने पहली से बारहवीं कक्षा तक पढ़ाई की। बचपन से ही अनुशासन और खेलों के प्रति उनका गहरा लगाव था, विशेषकर क्रिकेट खेलने में उनकी बेहद रुचि थी। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए पुणे चले गए, जहां उन्होंने अजिंक्य डी वाई पाटिल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के बाद देवेश का ध्यान भारतीय सशस्त्र बलों में जाकर देश सेवा करने की ओर आकर्षित हुआ। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता कतई आसान नहीं था। वर्दी पहनने के अपने जुनून को पूरा करने के लिए उन्हें एक के बाद एक कई कठिन परीक्षाओं और साक्षात्कारों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कुल 9 बार प्रयास किए। इस दौरान उन्होंने सीडीएस जैसी कठिन परीक्षा को पार करते हुए अपने छठे प्रयास में इंडियन नेवी के लिए सफलता हासिल की। इसके बाद भी वे रुके नहीं और सातवें प्रयास में एफकैट क्लियर करके एयर फोर्स में चुने गए। अपने आठवें प्रयास में उन्होंने नेवी पायलट के रूप में भी चयन हासिल किया।इतने शानदार अवसरों के बावजूद, देवेश का अंतिम लक्ष्य हमेशा से भारतीय सेना (थल सेना) में शामिल होना था। अपने 9वें प्रयास में उन्होंने आर्मी टेक्निकल एंट्री-65 कोर्स में पूरे भारत में पहली रैंक हासिल करके इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया में प्रवेश लिया, जहां उन्होंने एक साल तक अत्यंत कठिन और अनुशासित सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया।

1 साल की कठोर ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद 5 सितंबर 2026 को पासिंग आउट परेड के साथ देवेश कतलम आधिकारिक रूप से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन हुए। उन्हें कोर ऑफ इंजीनियर्स की 104 इंजीनियर रेजीमेंट में तैनाती दी गई है। उनके इस मुकाम तक पहुंचने पर भिलाई शहर, उनके विद्यालय और परिजनों में खुशी की लहर है। देवेश का कहना है कि लगातार असफलता या लंबे संघर्ष से घबराने के बजाय यदि लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा जाए, तो सफलता अवश्य मिलती है।

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