दल्ली राजहरा _ छत्तीसगढ़ सरकार ने समान नागरिक संहिता पर सभी आम जनता, सामाजिक,राजनीतिक व अन्य संगठनो से समान नागरिक संहिता पर सभी के विचार और परामर्श लेने के लिए दुर्ग,लोक निर्माण विभाग के सभागार में बैठक आमंत्रित किया था,जिसमें बालोद जिले के सभी संगठनों को बुलाया गया था ,जिसको अपनी जिम्मेदारी समझते हुए छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, बौद्ध महासभा दल्ली राजहरा और बालोद आदिवासी महासभा भी प्रमुखता से पहुंचे, सभी संगठनों ने इसका पुरजोर विरोध किया और यूसीसी गठित समिति को आदिवासी बहुल क्षेत्र छत्तीसगढ़ में इसे लागू न करने का विचार दिया, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जनक लाल ठाकुर जी अपना विचार रख कर कहा कि भारत गांवों का देश है जिसे यूसीसी लागू कर गांव की परम्परा खत्म करने कोशिश हो रही है इसे ग्रामीण और स्थानीय क्षेत्रों में प्रशासन के हस्तक्षेप करना बताया , भारत गांव का देश हैं जहां गांव एक सामाजिक व व्यक्तिगत समूह है जो अपने परंपराओं और नियमों से चलता हैं, हर जाति, धर्म, क्षेत्र की अपनी परंपरा है जिसे लोग समझते और उसके अनुसार अपना जीवन जीते है, ऐसे में ग्रामीण परम्परा की अवहेलना करके समान नागरिक संहिता कानून बनाना कहा से उचित सरकार द्वारा गठित इस समिति को उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता कानून लागू होती है तो गांव के रीतिरिवाज और परंपराएं प्रभावित होगे, विवाह,उत्तराधिकार, विवाह विच्छेदन जैसे मामले जो गांव में शांतीपूर्ण और एक दूसरे के समझौते से सुलझ जाते है उस व्यवस्था को बिगाड़ कर सरकार कोर्ट कचहरी तक ले जाने की कोशिश की जा रही है सरकार गांव के रीतिरिवाज और व्यवस्था को खत्म कर सारे गांव के नियम स्थानीय लोगों से छीनकर व्यापारिक परम्परा में बदलना चाह रही है सरकार आदिवासी और प्रकृति से जुड़े लोगों के साथ खिड़वाड़ कर रही है।इसके अलावा आदिवासी समाज बालोद ने अपना तर्क दिया कि आदिवासी समाज अपनी रूढ़िवादी संस्कृति के अनुसार चलते है ऐसे में हमारा अपना नियम और कानून है जिसे सरकार इस कानून के माध्यम से खत्म करना चाह रही है,इस समिति ने लिव इन रिलेशनशिप पर कानून बनाने की बात कही लेकिन सभी संगठनों से इसे पाश्चात्य सभ्यता की व्यवस्था बताई और भारत में लिव इन रिलेशनशिप जैसे मामले समाज को गर्त में ले जाना है देश का युवा पीढ़ी इससे बिगड़ रहा है।मोर्चा ने यूसीसी गठित समिति पर ये आरोप लगाया कि यह समिति अपने साथ यूसीसी का समर्थन करने वालों को साथ लेकर चल रही है उनके साथ राम मंदिर ट्रस्ट समिति ,बेमेतरा के एक व्यक्ति जो स्वयं को वकील बताते है उनको सभी का विरोध देखकर समिति ने उन्हें अलग बोलने का मौका दिया ताकि लोगो को बरगला सके और उस व्यक्ति ने यूसीसी उत्तराखंड का उदाहरण देकर उत्तराखंड में लागू होने के बाद वहां के परिवर्तन को बता कर सभी सामाजिक संगठनो को कहा कि आप लागू हुए बिना मन में भ्रांति पाल कर रखे है एक बार लागू होने दे ऐसा सुन कर सभी सामाजिक संगठनो ने इसका विरोध जिससे उस व्यक्ति को बिठाया गया जिससे ये स्पष्ट होता है कि सरकार और गठित समिति सामाजिक संगठनो को बरगलाने के लिए लोगो को लेकर चल रहे है। दुर्ग भिलाई के मुस्लिम समुदाय ने भी यूसीसी का विरोध जताया ।मोर्चा ने आव्हान किया कि कल राजनांदगांव में इस समिति की अगली बैठक है जिसमें पहुंच कर सभी सामाजिक संगठनो को इस कानून को पारित से होने रोकने के लिए आपत्ति दर्ज करानी चाहिए।














