औंधी : मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के औंधी क्षेत्र में बाघ की आवाजाही और मवेशी पर हमले की घटना से पूरे इलाके में भारी दहशत और हड़कंप का माहौल निर्मित हो गया है। सोमवार को औंधी के पास स्थित ग्राम घोटियाकान्हार में बाघ ने एक ग्रामीण के बैल पर हमला कर उसे मार डाला। इसके बाद मंगलवार को जब ग्रामीण अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगल की सीमा की ओर गए थे, तब उन्होंने एक बार फिर बाघ को अपनी आंखों से प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस घटना के बाद से घोटियाकान्हार, हालेपायली, गट्टेपायली और आसपास के दर्जनों गांवों में भय का माहौल है और लोग खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं।मामले की संवेदनशीलता, जन आक्रोश और ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखते हुए मंगलवार शाम करीब 5 बजे मानपुर उप वनमंडलाधिकारी (SDO) सुरेश पिपरे और दक्षिण मानपुर के वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) प्रवीण कुमार देहरी विभागीय मैदानी स्टाफ के साथ सीधे घोटियाकान्हार पहुंचे। वन अधिकारियों की टीम ने तत्काल

घटनास्थल का मुआयना किया और बाघ द्वारा शिकार किए गए बैल का विधिवत पंचनामा तैयार करवाया। SDO सुरेश पिपरे ने पीड़ित पशुपालक को आश्वस्त किया कि शासन के नियमानुसार मुआवजा राशि की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द से जल्द राहत राशि प्रदान की जाएगी।ग्रामीणों के बीच सुरक्षा का विश्वास जगाने के साथ-साथ वन विभाग ने एक बड़ी और संवेदनशील पहल की है। बाघ के डर से स्कूली बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित रहे, इसके लिए वन विभाग ने बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने और वापस घर छोड़ने की सीधी जिम्मेदारी उठाई है। अधिकारियों ने ग्रामीणों और पालकों को आश्वासन दिया है कि विभाग अपनी गाड़ी भेजकर बच्चों को सुरक्षित स्कूल लाएगा और ले जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में बाघ की सटीक लोकेशन ट्रेस करने के लिए घने जंगलों और संभावित रास्तों पर

ऑटोमैटिक मोशन-सेंसर ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं ताकि वन्यजीव की हर हलचल पर पैनी नजर रखी जा सके।उप वनमंडलाधिकारी सुरेश पिपरे और रेंजर प्रवीण देहरी ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर सुरक्षा संबंधी जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक बाघ का मूवमेंट पूरी तरह घने जंगलों की ओर नहीं हो जाता, तब तक अकेले जंगलों या खेतों की तरफ न जाएं। मवेशी चराने या आवश्यक कार्यों से बाहर निकलते समय हमेशा चार से पांच लोगों की टोली बनाकर ही निकलें। इसके अलावा, यदि किसी को वन्यजीव या बाघ दोबारा दिखाई देता है, तो उससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें और तुरंत वन विभाग की टीम को सूचित करें। उच्च अधिकारियों की धरातल पर मौजूदगी और त्वरित व्यवस्था से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
श्री सुरेश पिपरे, उप वनमंडलाधिकारी (SDO), मानपुर : मानपुर वन मंडल के औंधी परिक्षेत्र के घोटिया कान्हार गांव में बाघ द्वारा एक मवेशी का शिकार करने का मामला सामने आया है। घटना के तुरंत बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया और नियमानुसार मुआवजा प्रकरण तैयार कर लिया है। ग्रामीणों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है, जिसके लिए क्षेत्र में सघन गश्त की जा रही है और मुनादी कराकर सभी को सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी विभाग द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रवीण कुमार देहरी, वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर), दक्षिण मानपुर : वर्तमान में बाघ के विचरण की कोई नई सूचना या साक्ष्य आसपास के गांवों से प्राप्त नहीं हुए हैं, ऐसा प्रतीत होता है कि बाघ का मूवमेंट घने जंगलों की ओर हो गया है। कुछ बच्चे डर के मारे स्कूल नहीं जा रहे थे, इसलिए हमने गांव में जाकर पालकों और शिक्षकों से संपर्क कर उन्हें समझाइश दी है। शिक्षकों ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है कि वे निगरानी के साथ बच्चों को स्कूल लाएंगे और छोड़ेंगे। पालकों से अपील है कि वे बच्चों को निरंतर स्कूल भेजें। ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी जरूरी हिदायतें दी गई हैं कि वे बेवजह जंगलों की ओर न जाएं, खेतों में काम पर जाते समय हमेशा समूह में निकलें और यदि कहीं वन्यजीव या बाघ दिखता है तो उससे छेड़खानी न करें, तुरंत वन विभाग को सूचित करें।














