November 2, 2026

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सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण कर दी श्रद्धांजलि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा में इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनाई गई कलेक्टर ने शिक्षक बनकर बच्चों की ली कक्षा, पढ़ाई और स्कूल की सुविधाओं पर किया संवाद तरदा और सराईसिंगार के प्राथमिक शालाओं का किया निरीक्षण राज्योत्सव की तैयारियों का जिला पंचायत सीईओ ने लिया जायजाआयोजन स्थल पर मंच, सुरक्षा, पार्किंग और दर्शक व्यवस्था समय पर पूरी करने के दिए निर्देश पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त में कोरबा जिले के 79,138 किसानों को ₹15.94 करोड़ की सहायता, *नशीली दवाइयों और गांजा पर लगातार हो रही कार्रवाई पर श्रमिक नेता संजय सिंह ने बालोद जिला कलेक्टर से मिलकर जताया आभार*संजय सिंह का आमरण अनशन रंग ला रहा है
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ट्रैप कैमरों से बाघ की निगरानी शुरू, औंधी क्षेत्र के घोटियाकान्हार और हालेपायली–गट्टेपायली में रेंजर प्रवीण देहरी खुद ग्राउंड पर उतरे, ग्रामीणों व स्कूली बच्चों को दी सुरक्षा की समझाइश

औंधी : मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के दक्षिण मानपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले औंधी क्षेत्र में बाघ की लगातार सक्रियता और आवाजाही को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह सतर्क और अलर्ट मोड पर आ गया है। औंधी से महज 8 किलोमीटर दूर दूर हालेपायली और गट्टेपायली मार्ग और मोरचूल के आसपास बाघ के खुलेआम घूमते दिखने के बाद क्षेत्र के दर्जनों गांवों में भारी दहशत का माहौल निर्मित हो गया था। इस स्थिति को नियंत्रित करने, ग्रामीणों के भीतर फैले डर को समाप्त करने और बाघ की सटीक लोकेशन ट्रेस करने के लिए वन विभाग द्वारा अति-संवेदनशील इलाकों तथा घने जंगलों में अत्याधुनिक ऑटोमैटिक मोशन-सेंसर ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। मंगलवार सुबह 10 बजे से ही दक्षिण मानपुर के वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) प्रवीण कुमार देहरी खुद विभागीय मैदानी अमले के साथ घने जंगलों के बीच पहुंचे। उन्होंने अपनी सीधी निगरानी में पेड़ों और संभावित वन्यजीव मार्गों पर ट्रैप कैमरों का सेटअप पूरा करवाया।घोटियाकान्हार, हालेपायली–गट्टेपायली, मोरचूल और महाराष्ट्र सीमा से लगे संवेदनशील रास्तों पर बाघ की आवाजाही की पुष्टि करने और उसकी दिशा को ट्रैक करने के लिए वन विभाग ने कैमरों का विस्तृत जाल बिछा दिया है। रेंजर प्रवीण कुमार देहरी ने स्वयं पेड़ों पर कैमरे बांधने, उनका एंगल सेट करने और तकनीकी सेटिंग्स की बारीकी से जांच की। वन विभाग की इस पहल से अब जंगल के भीतर बाघ की हर एक हलचल पर डिजिटल रूप से 24 घंटे पैनी नजर रखी जा सकेगी, जिससे किसी भी संभावित खतरे या अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सके।जंगलों में ट्रैप कैमरे स्थापित करने के तुरंत बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रवीण देहरी ने घोटियाकान्हार, हालेपायली और आसपास के ग्रामीण इलाकों का सघन दौरा किया। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और स्कूली बच्चों से धरातल पर मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। बाघ के खौफ से कुछ बच्चों द्वारा स्कूल जाने में डर महसूस करने की बात सामने आने पर रेंजर ने पालकों और स्कूल के शिक्षकों के साथ विशेष बैठक की। उन्होंने सभी को ढांढस बंधाते हुए सलाह दी कि बच्चे किसी भी स्थिति में अकेले स्कूल न निकलें, बल्कि पालकों की देखरेख में समूह बनाकर ही आवागमन करें।रेंजर की इस पहल का सकारात्मक असर देखने को मिला है। शिक्षकों ने भी प्रशासन को पूरा आश्वासन दिया है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चौकस रहेंगे और पालकों के साथ मिलकर बच्चों का नियमित स्कूल आना-जाना सुनिश्चित करेंगे। अधिकारियों की लगातार धरातल पर मौजूदगी से ग्रामीणों के बीच फैला तनाव और डर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। वन विभाग की ओर से क्षेत्र के सभी गांवों में मुनादी करवाकर ग्रामीणों को सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की हिदायत दी जा रही है। किसानों और मजदूरों को सलाह दी गई है कि वे सुबह या देर शाम के समय खेतों या जंगलों की ओर अकेले जाने से बचें और हमेशा 4 से 5 लोगों की टोली बनाकर ही निकलें। इसके साथ ही जंगल के अंदरूनी रास्तों पर बेवजह घूमने पर भी रोक लगाने की अपील की गई है।बयान — श्री प्रवीण कुमार देहरी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, दक्षिण मानपुरवर्तमान में बाघ के विचरण की कोई नई सूचना या साक्ष्य आसपास के गांवों से प्राप्त नहीं हुए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि बाघ का मूवमेंट घने जंगलों की ओर हो गया है। कुछ बच्चे डर के मारे स्कूल नहीं जा रहे थे, इसलिए हमने गांव में जाकर पालकों और शिक्षकों से संपर्क कर उन्हें समझाइश दी है। शिक्षकों ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है कि वे निगरानी के साथ बच्चों को स्कूल लाएंगे और छोड़ेंगे। पालकों से अपील है कि वे बच्चों को निरंतर स्कूल भेजें। ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी जरूरी हिदायतें दी गई हैं—वे बेवजह जंगलों की ओर न जाएं। खेतों में काम पर जाते समय हमेशा समूह में निकलें। यदि कहीं वन्यजीव या बाघ दिखता है तो उससे छेड़खानी न करें और तुरंत वन विभाग को सूचित करें।

Saroj Chauhan
Author: Saroj Chauhan

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