जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने लौह अयस्क समूह राजहरा के माइंस में कार्यरत् श्रमिको की लंबित मांगो को लेकर प्रबंधन एवं स्थानिय प्रशासन 20 दिनो की निर्धारित अवधि में मांगो का सकारात्मक एवं ठोस निराकरण करने की लिखित आश्वासन दिया गया था अपेक्षित कार्यवाही नही होने से श्रमिको में असंतोष बढ़ रहा है। इस वजह से संगठन ने एक बार फिर श्रमिको के हित मे लोक तांत्रिक तरिके से हड़ताल करेगा।जन मुक्ति मोर्चा के सचिव बसंत रावटे ने बताया की संगठन द्वारा श्रमिको की समस्याओं को लेकर पूर्व मे भी प्रबंधन को मांग पत्र हड़ताल के माध्यम से दिया गया था। मांगो के शीघ्र निराकरण स्थाई प्रशासन के समक्ष लिखित आश्वासन के बाद हड़ताल को वापस लिया गया था। इसके बावजुद मांगो परसंगठन की प्रमुख मांगो में माइंस में सुरक्षा नियमों का पूर्ण पालन, ठेकेदार के निविदा कार्य की निर्धारित शर्तों के अनुसार श्रमिको को रोजगार देना, मृत्यु-सेवा निवृत्ति अथवा अन्य कारणों से रिक्त हुए स्थानो पर नये श्रमिको की नियुक्ति, आर.एल.सी. (केन्द्रीय) रायपुर के आदेशो का पालन करते हुए श्रमिको को नियमानुसार कार्य मे नियोजित करना शामिल है।श्रमिक लंबे समय से अपनी सेवाये दे रहे है और उनके रोजगार एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दो को लगातार उठाया जा रहा है। प्रबंधन इन मांगो को गम्भीरता से लेते हुये समय सीमा के भीतर ठोस निर्णय ले ।जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने प्रबंधन से मांगो पर 01 सितम्बर 2026 के पहले सकारात्मक पहल के माध्यम से समाधान करना है ताकि औद्योगिक शांति बनी रहे। और श्रमिको को आंदोलन के लिए दुबारा मजबूर न होना पड़े संगठन ने समय अवधि मे मांगो का निराकरण नही होने पर 1 सितम्बर 2026 को अनिश्चित कालीन हड़ताल करेगा जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी बी.एस.पी. प्रबंधन की होगी।














