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महाराष्ट्र: हिंदू संत रामगिरी-नितेश राणे के खिलाफ AIMIM का हल्लाबोल, मुंबई की सड़कों पर लगा जाम-वीडियो

 ओवैसी की पार्टी AIMIM ने हिंदू संत राम गिरी और बीजेपी नेता नितेश राणे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों नेताओं के खिलाफ पुलिस एक्शन नहीं होने के बाद इम्तियाज जलील की अगुवाई में 23 सितंबर को हजारों गाड़ियों का काफिला मुंबई पहुंचा। तिरंगा संविधान रैली के हुजूम मुंबई की काफी सड़कें जाम हो गईं।

मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों से पहले रामगिरी महाराज और बीजेपी नेता नितेश राणे के खिलाफ कार्रवाई की मांग का मामला तूल पकड़ा दिख रहा है। सोमवार को असुदद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली एआईएमआईएम (AIMIM) ने औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) से लेकर मुंबई तक शक्ति प्रदर्शन करते हुए तिरंगे के साथ संविधान रैली निकाली। औरंगाबाद के पूर्व सांसद इम्तियाज अली, वारिस पाठन जैसे नेताओं की अगुवाई में निकली यात्रा में काफी भीड़ जुटी। रैली के मुंबई पहुंचने पर काफी इलाकों में जाम की स्थिति भी बन गई। पिछले 11 सितंबर को इम्तियाज अली ने 23 सितंबर को मुंबई कूच का ऐलान किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि वह मुंबई जाकर महायुति और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को संविधान की प्रतियां भेंट करेंगे। एआईएमआईएम के मुंबई चलो कूच में पूरे महाराष्ट्र से पार्टी के नेता और समर्थक गाड़ियां लेकर मुंबई पहुंचे थे।

अपमानजनक टिप्पणियों का आराेप

इम्तियाज जलील की मांग है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अल्यसंख्यकों के खिलाफ अनाश-शनाप बोलने वाले बीजेपी नेता नितेश राणे के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। जलील इसके अलावा हिंदू संत रामगिरी महाराज के खिलाफ भी कार्रवाई चाहते हैं। जलील का आरोप है कि उन्होंने इस्लाम और पैंगबर मुहम्मद के खिलाफ हाल ही में अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। महाराष्ट्र में मुसलमानों को निशाना बनाकर बयान देने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश राणे के खिलाफ कई केस दर्ज हो चुके हैं। मुंबई चलो के कूच का जब काफिला जब राजधानी पहुंचा तो सड़कों पर जाम लगा गया था। इसके चलते ट्रैफिक की स्थिति बिगड़ गई थी। इस कूच में उन्होंने गाड़ियों में तिरंगे झंड़े लगाए हुए थे।

राणे के बयान पर भड़का था विवाद

असुदद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम जहां राम गिरी महाराज और राणे के खिलाफ पहले से मोर्चा खोले हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ अभी हाल ही में नितेश राणे ने शुक्रवार को संगोली में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ज्यादा नहीं सिर्फ 24 घंटे के लिए पुलिसकर्मियों को छुट्टी दे दी जाए। इसके बाद हम (हिंदू) अपनी ताकत दिखा देंगे। हम उन्हें यह एहसास दिला देंगे कि हममें कितना दम है। नितेश राणे के इस बयान पर अब ऑल-इंडिया-मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता वारिस पठान ने पलटवार किया था। इसके बाद मामला काफी गर्मा गया था। पाठन ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र सरकार भड़काऊ भाषण के बाद भी कार्रवाई नहीं करना चाहती है। पाठन ने यहां तक कह दिया था कि उन्होंने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं।

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