बारिश के बाद अधिकांश लोग नदी, झरना या बड़े जलाशय के आसपास घूमने-फिरने जाते हैं। इस दौरान किनारे में नहाने, सेल्फी लेने, फोटो खींचने के लिए उतरते हैं। इसमें सावधानी बरतना चाहिए। थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। हर साल डूबने से कई युवकों की मौत हो जाती है।
रायपुर और इसके आसपास ऐसे नदी, जलाशय, तालाब हैं, जिसमें हर साल नाबालिगों के अलावा युवाओं की डूबने से मौत हो जाती है। इन स्थानों पर संभावित खतरे की सूचना देने वाले बोर्ड या सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं की गई है। इससे पहली बार इन स्थानों पर जाने वालों को कुछ पता नहीं चल पाता है। पिछले 2 दो सालों में अलग-अलग स्थानों पर 10 से ज्यादा युवाओं व नाबालिगों की डूबने से मौत हो चुकी है।
इन स्थानों पर रहता है खतरा
खारून नदी
खारून नदी में डूबने से हर साल कई युवाओं की मौत हो जाती है। इसके सातपखार एनीकट, भाठागांव एनीकट, महादेवघाट, चंदनीडीह पुल, उरला के पठारीडीह, गुमा घाट में युवक-युवतियां व नाबालिग घूमने-फिरने के अलावा नहाने के लिए जाते हैं।
महानदी
महानदी के आरंग और महासमुंद से लगे घाटों, एनीकट में भी लोग पिकनिक मनाने, घूमने-फिरने जाते हैं।
ब्लू वॉटर टैँक
नवा रायपुर का ब्लू वॉटर टैँक में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां व नाबालिग घूमने जाते हैं। एक समय में पत्थर खदान था। 100 फीट से ज्यादा गहरा है। बारिश के दिनों में पानी का लेबल और बढ़ जाता है।
खुटेरी जलाशय
मंदिरहसौद इलाके के खुटेरी में वन विभाग की नर्सरी से लगा बड़ा जलाशय है। काफी गहरा भी है। तीन इंजीनियरिंग छात्रों की डूबने से मौत हो चुकी है। आसपास के स्कूल-काॅलेज के छात्र-छात्राएं घूमने-फिरने जाते हैं।
खतरे का संकेतक नहीं
खारून नदी के अधिकांश एनीकट और घाटों में खतरे की सूचना देते हुए संकेतक बोर्ड नहीं है। जलस्तर बढ़ने पर किसी की तैनाती भी नहीं करते हैँ। इसके अलावा नवा रायपुर के ब्लू वॉटर टैंक हो या खुटेरी जलाशय। इनमें भी गहराई व खतरे से जुड़ा संकेतक नहीं हैं। ब्लू वॉटर टैंक में अब तक कोई सुरक्षा घेरा तक नहीं बनाया गया है, जबकि इसमें कई लोगों की जान जा चुकी है।
इन कारणों से होते हैं हादसे
-नदी, एनीकट या जलाशय के पत्थरों-चट्टानों में काई के चलते फिसलन होती है। इसकी अनदेखी करते हुए चलना।
-नदी के तेज बहाव के दौरान नहाने या सेल्फी-फोटो लेने के लिए किनारे उतरना
-तैरना नहीं आने के बावजूद नहाने उतरना
-गहराई का अंदाजा लगाए बिना नदी या जलाशय में उतरना।

Users Today : 437
Users Yesterday : 1033
Total views : 140150