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पीला निशान लगते ही मिटा दिए लाल निशान  ,, सदर रोड से अतिक्रमण हटाने का मामला  ,,, नगर पालिका ने सड़क किनारे से तीन मीटर दूर लगाया है पीला निशान, जबकि राजस्व विभाग ने पहले ही लगा दिया है लाल निशान

 

निलेश श्रीवास्तव

जिला ब्यूरो चीफ

बालोद। सदर रोड से कब्जा हटाने के मामले में नगर पालिका द्वारा फिर से नए मापदंड तय कर सड़क के किनारे दोनों ओर सफेद पट्टी से तीन-तीन मीटर की दूरी पर पीला निशान लगा दिया है। इस निशान के लगने के बाद कई दुकानदार राजस्व विभाग द्वारा पूर्व में लगाए गए लाल निशान को मिटा दिए हैं। इसका कारण यह है कि लाल निशान से जहां उनकी पूरी दुकान प्रभावित हो रही थी वही पीले निशान से उनको पूरी तरह से राहत मिल गई है। संभवतया व्यापारी अब लाल निशान की बजाय पीला निशान को ही असली मान रहे है। कई व्यापारी तो पीला निशान लगने के बाद आ रहे थोड़े बहुत हिस्से को तोड़ भी डाले है, ताकि वे कह सके कि हमने तो अतिक्रमण हटा दिया है। दूसरी ओर सदर रोड को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करने लोगों की मांग है, जिस पर कार्रवाई भी संभव है।

सदर रोड से अतिक्रमण हटाने के मामले में अब लाल और पीला निशान पर ही शहर में जमकर चर्चा है। लाल निशान व्यापारी मानने तैयार नहीं तो पिला निशान आम जनता स्वीकारने तैयार नहीं। इसी बीच समस्या का हल ढूंढने नगर पालिका बार-बार मापदंड बदल रही है। यहां यह बात समझ से परे है कि जब राजस्व विभाग ने नाप जोक कर लाल निशान लगा दिया है तो उस पर कार्रवाई करने की बजाय नगर पालिका बार-बार मापदंड क्यों बदल रही है, जबकि नगर पालिका का साथ देने प्रशासन पूरी तरह तैयार है। इसके बाद भी कार्रवाई में हिला हवाला किया जा रहा है, जिसे लेकर नगर पालिका पर उंगलियां उठने लगी है।

 

लाल निशान मिटाने से नहीं बदल जाएगी सीमा

 

राजस्व विभाग द्वारा सड़क की सीमा को लेकर लगाए गए लाल निशान को व्यापारी भले ही मिटा दें लेकिन इससे सड़क की सीमा नहीं बदल जाएगी। यह तो बिल्कुल उस कहावत वाली बात हो गई कि शेर के सामने आंख मूंद कर बैठने से यह नहीं समझा जा सकता की शेर भी आपको नहीं देख रहा है। सीमा रेखा को मिटाने की व्यापारी चाहे जितनी चालाकी चल ले इस बार तो कार्रवाई होनी ही है। दर असल नगर पालिका द्वारा बुधवार को फिर से नाम जोक कर पीला निशान लगाया गया है। इसके बाद व्यापारियों की सोच बदल गई है और वे लाल निशान को मिटाकर पीला निशान को ही सही मान रहे हैं, जो इनकी भूल है।

 

कार्रवाई को लेकर नगर पालिका का रवैया अजब गजब

सदर रोड से अतिक्रमण हटाने के मामले में नगर पालिका का रवैया अजब गजब है। एक तरफ तो वह शहर के दूसरे हिस्से में बेधड़क बुलडोजर चला देती है और जब सदर बाजार की बारी आती है तो बुलडोजर के पहिए थम जाते हैं। लोगों का मानना है कि सदर बाजार में बड़े-बड़े व्यापारी और राजनीतिक लोग हैं संभवत उनके डर से ही कार्रवाई नहीं कर पा रही है, जबकि शहर की जनता नगर पालिका के साथ है। अब इस मामले में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी सड़क पर आ गई है। 17 अप्रैल को नगर पालिका का घेराव कर यह बताना चाहती है कि सदर रोड पूरी तरह से मुक्त हो। माना जा रहा है कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी को आम लोगों का भी समर्थन मिल रहा है।

I K KHAN
Author: I K KHAN

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