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नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास, मोहला पुलिस की प्रभावी विवेचना से मिला न्याय

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। जिले के चर्चित नाबालिग बालिका अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में माननीय न्यायालय ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) न्यायालय अंबागढ़ चौकी ने आरोपी महेन्द्र कुमार मंडावी, निवासी ग्राम रेंगाडबरी, जिला बालोद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह पूरा मामला वर्ष 2022 का है, जिसमें पुलिस की सूक्ष्म और वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया गया है।

घटना के संक्षिप्त विवरण के अनुसार, 30 नवंबर 2022 को आरोपी महेन्द्र कुमार ने नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर एक सूने खेत में ले गया था। वहां आरोपी ने बालिका के साथ अनाचार की घटना को अंजाम दिया और पहचान उजागर होने के डर से गमछे से गला घोंटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को खुर्द-बुर्द करने का भी प्रयास किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मोहला निरीक्षक कपिल देव चंद्रा ने प्रकरण की कमान संभाली और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों का संकलन किया।

न्यायालय में सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से अभियोजन अधिकारी श्री निखिल झा ने ठोस गवाह और सबूत पेश करते हुए सशक्त पैरवी की। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक साक्ष्यों और पुलिस की प्रभावी जांच को आधार मानते हुए माननीय न्यायालय ने आरोपी को धारा 302 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 (साक्ष्य मिटाना) के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है। मोहला पुलिस की इस सफलता और उत्कृष्ट विवेचना की सराहना की जा रही है, जिससे अपराधियों में खौफ और आम जनता में न्याय के प्रति विश्वास बढ़ा है।

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