*दल्लीराजहरा* – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद में लिए गए निर्णयों का स्वागत करते हुए भाजपा नेता श्री स्वाधीन जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का हर फैसला किसान और आम जनता के हित में है। 15 नवंबर से 3100 रु. प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी, 360 नए उपार्जन केंद्र, एम-ऊर्जा योजना में 31 मार्च 2027 तक छूट जारी रखना और शासकीय सेवकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसे निर्णय सुशासन और संवेदनशीलता का प्रतीक हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया।*साय सरकार के जनकल्याणकारी फैसलों से हर वर्ग लाभान्वित होगा : जयदीप गुप्ता*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसलों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता श्री जयदीप गुप्ता ने कहा कि यह सरकार किसान, मध्यम वर्ग और कर्मचारी सभी का ख्याल रख रही है। 27.50 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, एग्रीस्टेक पंजीकृत किसानों को पुनः पंजीयन से छूट, डिजिटल क्रॉप सर्वे और बायोमेट्रिक खरीदी से पारदर्शिता आएगी। साथ ही 7.25 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देना सराहनीय कदम है।*धान खरीदी, बिजली बिल में राहत और कैशलेस इलाज – साय सरकार के तीन बड़े तोहफे : आशीष लालवानी*प्रदेश सरकार के मंत्रिपरिषद के निर्णयों को जनहितकारी बताते हुए भाजपा नेता श्री आशीष लालवानी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ने साबित कर दिया है कि उनकी सरकार किसान हित और जनकल्याण को समर्पित है। खरीफ वर्ष 2026-27 में 3100 उपार्जन केंद्रों पर धान खरीदी, घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में रियायत जारी रखना और शासकीय सेवकों के लिए ऑनलाइन कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना – ये तीनों फैसले छत्तीसगढ़ के हर परिवार को सीधे राहत देने वाले हैं।*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन का मॉडल पेश कर रही है सरकार : हितेश कुमार डोंगरे* मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में लिए गए मंत्रिपरिषद के निर्णयों पर हर्ष व्यक्त करते हुए भाजपा नेता श्री हितेश कुमार डोंगरे ने कहा कि यह फैसले प्रदेश में सुशासन की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। किसानों को 3100 रु. प्रति क्विंटल पर 21 क्विंटल तक धान बेचने का अवसर, पुराने किसानों को पुनः पंजीयन से मुक्ति, 400 यूनिट तक बिजली खपत पर राहत की अवधि बढ़ाना और गंभीर बीमारी में कर्मचारियों को तत्काल कैशलेस सुविधा देना – यह दर्शाता है कि सरकार हर वर्ग की चिंता कर रही है।—













