स्थानीय बच्चों को बेहतर शिक्षा और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का अवसर मिलने की उम्मीद, तो प्रस्तावित योजना पर पुनर्विचार की मांग क्यों? क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं पर अब तक चुप्पी को लेकर भी उठे सवालदल्ली राजहरा। ग्राम पथराटोला में प्रस्तावित विज्ञान केंद्र की योजना को लेकर भाजपा नेता राकेश यादव द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र सौंपे जाने के बाद क्षेत्र में विकास, शिक्षा और स्थानीय निवासियों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने इस मामले में सवाल उठाते हुए कहा है कि वर्षों से बदहाली और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन गुजार रहे स्थानीय लोगों की समस्याओं पर अब तक गंभीरता क्यों नहीं दिखाई गई? जब क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की उम्मीद जगी है, तब इस योजना पर पुनर्विचार की मांग उठाने के पीछे क्या तर्क हैं?छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जनक लाल ठाकुर जी का कहना है कि क्षेत्र के अनेक परिवार लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं से जूझ रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता आज भी स्थानीय विकास के महत्वपूर्ण सवाल हैं। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कितनी प्रभावी पहल की गई?बदहाली के सवालों पर भाजपा और कांग्रेस की भूमिका पर भी उठे प्रश्नमोर्चा ने सवाल उठाया कि क्षेत्र की समस्याएं आज पैदा नहीं हुई हैं। स्थानीय निवासी लंबे समय से विकास और सुविधाओं की मांग करते रहे हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस, दोनों की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जब लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात आती है, तब राजनीतिक इच्छाशक्ति कहां दिखाई देती है?मोर्चा के अनुसार, विकास का आकलन केवल राजनीतिक बयानों और पत्राचार से नहीं, बल्कि इस आधार पर होना चाहिए कि स्थानीय जनता को वास्तविक लाभ कितना मिला है। वर्षों से उपेक्षा का सामना कर रहे लोगों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता मिलनी चाहिए,राकेश यादव इस योजना को यहां से हटाकर अपने क्षेत्र में ले जाने की कोशिश कर रहे केवल लाल पानी के आड़ में बच्चों से विज्ञान केंद्र का लाभ छीनने की साजिश है, लंबे समय से इस क्षेत्र में बीजेपी का संसद रहे है लेकिन शायद मूलभूत समस्याएं इन्हीं नहीं दिखी अब जब बच्चों के लिए नवाचार के क्षेत्र में कुछ अच्छी योजना बच्चों के लिए प्रस्तावित है तो इसे इस क्षेत्र से उठाकर अपने क्षेत्र में ले जाने की साजिश हो रही वैसे ही पहले भी दल्ली राजहरा में प्रस्तावित 100 बिस्तर अस्पताल और केंद्रीय विद्यालय को राजनीति करके राजहरा से छीन लिया है।**विज्ञान केंद्र से बच्चों को मिल सकती है नई दिशा छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके ने कहा*प्रस्तावित विज्ञान केंद्र को लेकर छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने शिक्षा के अवसरों के व्यापक संदर्भ में चर्चा की आवश्यकता बताई है। विज्ञान केंद्र बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, प्रयोगों के माध्यम से सीखने और विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने में उपयोगी साबित हो सकता है। विशेषकर उन क्षेत्रों में, जहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, ऐसी पहल महत्वपूर्ण हो सकती है।ऐसे में मोर्चा ने सवाल उठाया कि यदि इस योजना से स्थानीय बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की संभावना है, तो इसका विरोध करने या पुनर्विचार की मांग करने से पहले इसके संभावित लाभों पर गंभीरता से विचार क्यों नहीं किया जा रहा है?हालांकि, विज्ञान केंद्र की उपयोगिता के साथ-साथ उसके प्रस्तावित स्थान, स्थानीय निवासियों पर संभावित प्रभाव और क्षेत्र की आवश्यकताओं का पारदर्शी मूल्यांकन भी जरूरी है। योजना से संबंधित सभी तथ्यों को सार्वजनिक करते हुए स्थानीय जनता की राय को महत्व दिया जाना चाहिए।स्थानीय जनता के हित में हो विकास का फैसलाछत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा का स्पष्ट कहना है कि विकास की किसी भी योजना का उद्देश्य स्थानीय जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए। क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा, युवाओं को रोजगार के अवसर और निवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।मोर्चा ने सवाल उठाया कि क्षेत्र में विकास की संभावनाओं पर चर्चा करते समय स्थानीय लोगों की जरूरतों को केंद्र में क्यों नहीं रखा जाता? यदि विज्ञान केंद्र की योजना में कोई व्यावहारिक समस्या है, तो उसे तथ्यों और ठोस सुझावों के आधार पर सामने लाया जाना चाहिए। केवल पत्र सौंपने से विकास की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।मोर्चा के अनुसार, क्षेत्र के विकास से जुड़ा कोई भी निर्णय राजनीतिक हितों के बजाय स्थानीय जनता की जरूरतों और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए।














