October 29, 2026

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चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के खतरे को देख मोहला-मानपुर जिले में 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी में छुट्टी घोषित *दल्ली राजहरा में ठगी का नया तरीका, खुद को पुलिस बताकर बुजुर्ग महिला से 2.5 तोला सोने की चैन और लॉकेट उड़ाया* कुसुमकसा की तीन बेटियां लोकसभा भवन में बढ़ाएंगी क्षेत्र का मान *किसान हित और जनकल्याण को समर्पित सरकार के फैसले ऐतिहासिक : स्वाधीन जैन* *बालोद के युवा भाजपा नेता अनिकेत देशलहरे का कांग्रेस पर तंज – ‘संवैधानिक पदों की गरिमा का ख्याल रखे विपक्ष’* *13वीं राज्य स्तरीय पावर लिफ्टिंग में दल्ली राजहरा की बेटी का कमाल, माही देशमुख ने 43 किग्रा वर्ग में जीता स्वर्ण और बनीं  लिफ्टर आफ द टूर्नामेंट

कहीं राजनीति की भेंट न चढ़ जाए डौंडी का विज्ञान केंद्र!

100 बिस्तर अस्पताल, प्रयास विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय के बाद अब ₹5 करोड़ के विज्ञान केंद्र पर विवाद…आदिवासी समाज ने दी सड़क पर उतरने की चेतावनी…विधायक अनिला भेड़िया ने कहा—बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं..बालोद। खनिज संपदा से समृद्ध डौंडी विकासखंड में विकास की उम्मीदों के बीच एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पथराटोला में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विज्ञान केंद्र के निर्माण पर रोक लगाने की मांग सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप ले लिया है।स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या खनन प्रभावित क्षेत्र की जनता की मूलभूत समस्याओं का हवाला देकर बच्चों के भविष्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक परियोजना को रोकने की मांग करना उचित है?क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि जब 100 बिस्तर अस्पताल, प्रयास विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं को लेकर डौंडी की जनता लंबे समय से उम्मीद लगाए बैठी है, तो अब विज्ञान केंद्र भी कहीं राजनीतिक खींचतान की भेंट न चढ़ जाए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन प्रभावित क्षेत्र की जनता की समस्याओं के नाम पर विज्ञान केंद्र को रोकने की मांग करना वास्तविक जनहित से अधिक सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास प्रतीत होता है। हालांकि, यह संबंधित मांग के पीछे की मंशा को लेकर स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया है।रोहित माहला बोले—मिल रही सुविधा रोकना दुर्भाग्यपूर्णसर्व आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष रोहित माहला ने विज्ञान केंद्र पर रोक लगाने की मांग को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि डौंडी ब्लॉक के खनन प्रभावित क्षेत्र की जनता की मूलभूत समस्याओं को लेकर चिंता जताना अच्छी बात है, लेकिन उन समस्याओं के नाम पर बच्चों को मिलने वाली सुविधा रोकने का प्रयास करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।उनका कहना है कि डौंडी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जहां बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। विज्ञान केंद्र से बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने तथा शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। ऐसे में इस परियोजना को रोकने की मांग क्षेत्र के बच्चों के हितों को प्रभावित कर सकती है।रोहित माहला ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रस्तावित विज्ञान केंद्र के निर्माण पर रोक लगाई गई, तो आदिवासी समाज सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।भोलाराम नेताम बोले—डौंडी के साथ होगा अन्यायबालोद जिला गोंडवाना महासभा के पदाधिकारी भोलाराम नेताम ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्र की जनता के नाम पर राजनीति करते हुए डौंडी ब्लॉक में प्रस्तावित विज्ञान केंद्र पर रोक लगाने की मांग किए जाने का मामला संज्ञान में आया है।उनका कहना है कि यदि वास्तव में विज्ञान केंद्र के निर्माण को रोकने का प्रयास किया जाता है, तो यह डौंडी ब्लॉक के साथ बड़ा अन्याय होगा। क्षेत्र की जनता लंबे समय से बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रही है। ऐसे में बच्चों को मिलने वाली नई शैक्षणिक सुविधा का समर्थन करने के बजाय उसे रोकने की मांग उठना चिंताजनक है।भोलाराम नेताम ने कहा कि इस मामले को लेकर जल्द ही आदिवासी समाज की बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। समाज डौंडी ब्लॉक के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रयास का विरोध करेगा।विधायक अनिला भेड़िया का दो टूक रुख—जिले से प्रदेश तक होगा आंदोलनडौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनिला भेड़िया ने भी विज्ञान केंद्र को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि उनकी विधानसभा क्षेत्र की आम जनता के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।विधायक का कहना है कि डौंडी ब्लॉक में प्रस्तावित विज्ञान केंद्र बच्चों के भविष्य और क्षेत्र की शैक्षणिक संभावनाओं से जुड़ा विषय है। यदि इस परियोजना पर रोक लगाने का प्रयास किया गया, तो वह इस मुद्दे को बालोद जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक उठाएंगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन किया जाएगा।उन्होंने बालोद कलेक्टर से चर्चा कर विज्ञान केंद्र का निर्माण कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ कराने की पहल करने की बात भी कही है।खनन प्रभावित क्षेत्र की समस्याएं गंभीर, लेकिन समाधान विज्ञान केंद्र रोकना नहीं!डौंडी ब्लॉक की जनता लंबे समय से लाल पानी, प्रदूषण, शुद्ध पेयजल, खराब सड़कों, जल निकासी, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था जैसी समस्याओं के निराकरण की मांग करती रही है। इन समस्याओं को लेकर क्षेत्र में कई आंदोलन भी हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन प्रभावित गांवों को उनकी जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं मिलनी चाहिए और DMF की राशि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।लेकिन लोगों का सवाल है कि क्या इन समस्याओं का समाधान विज्ञान केंद्र के निर्माण पर रोक लगाकर ही किया जाएगा? यदि परियोजना की लागत, वित्तपोषण, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति या DMF की राशि के उपयोग को लेकर कोई संदेह है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जा सकती है। संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जा सकते हैं और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी हो सकती है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष अपनी जगह है, लेकिन बच्चों को मिलने वाली शैक्षणिक सौगात को रोकने की मांग करना समस्या का समाधान नहीं है। शासन-प्रशासन को चाहिए कि वह खनन प्रभावित क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण भी करे और विज्ञान केंद्र जैसी परियोजना को लेकर उठे सवालों पर पारदर्शिता भी सुनिश्चित करे।डौंडी की जनता पूछ रही—एक और सपना अधूरा तो नहीं रह जाएगा?डौंडी क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय, प्रयास विद्यालय और 100 बिस्तर अस्पताल जैसी सुविधाओं को लेकर लंबे समय से उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सुविधाओं के अधूरे रहने के बीच अब विज्ञान केंद्र को लेकर शुरू हुई खींचतान ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

Balod District
Author: Balod District

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