
*दल्ली राजहरा।* ग्राम आडेझर में पेयजल समस्या को लेकर अनशन पर बैठे ग्रामीणों को पुलिस द्वारा बलपूर्वक उठाकर दल्ली राजहरा लाने का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने बीएसपी प्रबंधन और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने कहा कि ग्रामीणों को अलग-अलग स्थानों पर रखा गया और युवाओं के साथ मारपीट कर मोबाइल जब्त किए गए।मोर्चा ने आरोप लगाया कि आंदोलनकारी रोहित माहला को छीना-झपटी कर कहीं और ले जाया गया, जिसकी जानकारी नहीं दी गई। इसकी सूचना पर पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर और माइंस श्रमिक संघ के पदाधिकारियों ने थाने पहुंचकर घेराव की चेतावनी दी, जिसके बाद प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए बुलाया।बैठक में एसडीएम आशीष पेट्रो और तहसीलदार देवेंद्र नेताम मौजूद रहे, लेकिन बीएसपी प्रबंधन नदारद रहा। बोर में पानी आने की बात पर चर्चा अटकी रही, जबकि ग्रामीणों का कहना था कि बोर का पानी लाल, आयरन युक्त और पीने लायक नहीं है।दोपहर में करीब 40-50 बच्चे जंगल के रास्ते पैदल नारे लगाते हुए दल्ली राजहरा पहुंचे, जिसमें एक बालिका बेहोश हो गई जिसे बीएसपी अस्पताल ले जाया गया। शाम को दबाव के बाद रोहित माहला को सामने लाया गया और बीएसपी गेस्ट हाउस में चर्चा हुई, पर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका।














