जिला प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल, आयोजनकर्ता के नाम पर पोत दिया गया सफेदा
मोहला: ‘सेवा संकल्प यात्रा’ को लेकर मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी ने सरकार, भाजपा नेताओं और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। विधायक ने यात्रा के आयोजन और उसमें सरकारी मशीनरी की कथित भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि सरकारी धन का उपयोग जनहित के बजाय भाजपा नेताओं को खुश करने के लिए लगाया जा रहा है।मंडावी ने कहा कि यह यात्रा शासन के पैसे की बर्बादी है। किसान परेशान और बर्बाद है, लेकिन इस दौर में संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस समय आम जनता को मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है, उस समय सरकारी संसाधनों को बड़े आयोजन में खर्च करते हुए सरकारी मशनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। *कल तक आयोजक जिला प्रशासन का सुबह पोत दिया गया सफेदा -विधायक ने आयोजनकर्ता को लेकर भी सवाल खड़े किये है उनके मुताबिक, कल तक जिला प्रशासन को इस कार्यक्रम का आयोजक बताया जा रहा था, लेकिन कार्यक्रम की आज सुबह आयोजनकर्ता जिला प्रशासन के नाम के ऊपर सफेदा लगा दिया गया है।विधायक इंद्र शाह मंडावी ने सवाल किया कि यदि जिला प्रशासन इस आयोजन का आयोजक नहीं है, तो फिर इतने बड़े कार्यक्रम का खर्च आखिर किसने वहन किया?उन्होंने आयोजन में हुए खर्च का सार्वजनिक ब्यौरा सामने लाने की मांग करते हुए कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि सरकारी संसाधनों और विभागीय अमले का इस्तेमाल किस स्तर पर और किस मद से किया गया है। लोगों को पानी तक नहीं मिल रहा, विभागीय अमला मशाल उठाने में लगा-मंडावी ने यात्रा की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कार्यक्रम में पहुंचे लोगों को पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जबकि दूसरी ओर विभागीय अमले को यात्रा और मशाल कार्यक्रम में लगाया जा रहा है। उन्होंने कथित तौर पर भाजपा के लोगों को कार्यक्रम में ले जाने के लिए सरकारी तंत्र के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया और कहा कि सरकारी विभागों की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समाधान होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक आयोजन को सफल बनाना। किसान त्रस्त है, किसान बर्बाद है और सरकार संकल्प यात्रा में व्यस्त है-विधायक ने किसानों की स्थिति को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में किसान परेशानियों से जूझ रहा है। ऐसे समय में बड़े-बड़े आयोजनों पर खर्च करने को लेकर सरकार को जनता के सामने जवाब देना चाहिए। उनका कहना है कि जिस राशि से यात्रा और आयोजन में खर्च किया गया, उसका इस्तेमाल किसानों, ग्रामीणों और आम जनता की समस्याओं के समाधान में किया जा सकता था।जिला पंचायत सदस्यों को लेकर भी प्रशासन पर निशाना-विधायक ने जिला पंचायत के सदस्यों की स्थिति का जिक्र करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत के सदस्य दर-दर भटक रहे है और प्रशासनिक अधिकारी चाटुकारिता में लगे हुए हैं।विधायक ने सवाल किया कि जनप्रतिनिधियों की समस्याओं और क्षेत्र की जरूरतों पर ध्यान देने के बजाय प्रशासनिक तंत्र आखिर किसके प्रचार-प्रसार में लगा हुआ है।














