औंधी : मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का औंधी क्षेत्र पूरी तरह से महाराष्ट्र बॉर्डर से लगा हुआ एक बेहद संवेदनशील और घना वनांचल इलाका है। महाराष्ट्र की अंतर्राज्यीय सीमा से जुड़े होने के कारण इस पूरे क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। हाल ही में औंधी और आसपास के मानपुर इलाके में बाघ की मौजूदगी की पक्की खबर और ग्रामीणों में बने माहौल को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। महाराष्ट्र सीमा से सटे इन गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए रविवार की देर रात करीब 11 बजे, जब पूरा क्षेत्र सन्नाटे में सो रहा था, तब दक्षिण मानपुर के वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रवीण कुमार देहरी अपनी पूरी टीम के साथ खुद ग्राउंड जीरो पर उतरे और सीमावर्ती इलाकों में मोर्चा संभाला।
वन विभाग की विशेष टीम ने नवागांव, हालेपायली और गट्टेपायली जैसे अति-संवेदनशील और महाराष्ट्र सीमा के करीब स्थित गांवों में रात के अंधेरे में ही सघन सर्च ऑपरेशन और नाइट पेट्रोलिंग शुरू की। टॉर्च, सुरक्षा उपकरणों और वाहनों के साथ वन अमला मुख्य मार्गों, जंगलों से लगे ग्रामीण रास्तों और पगडंडियों पर मुस्तैद नज़र आया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र बॉर्डर से लगे इन इलाकों में ग्रामीणों और उनके मवेशियों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य नहीं हो जाती, तब तक वन विभाग का यह विशेष निगरानी और गश्त अभियान बिना रुके लगातार जारी रहेगा।

ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी ने गश्ती दल में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि वे 24 घंटे लगातार फील्ड में मुस्तैद रहें और पल-पल की गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखें। इसके साथ ही टीम को सीमावर्ती गांवों में लगातार मुनादी कराने और लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पूरी सावधानी बरतें। ग्रामीणों को हिदायत दी गई है कि वे रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, मवेशियों को सुरक्षित और बंद बाड़ों में बांधें तथा जंगल से सटे इलाकों में अकेले जाने से बचें। इसके अलावा, किसी भी संदिग्ध हलचल, पगमार्क या बाघ की मौजूदगी का आभास होने पर तुरंत वन अमले को सूचित करने को कहा गया है। महाराष्ट्र बॉर्डर से लगे इस दूरस्थ औंधी और मानपुर क्षेत्र में देर रात अधिकारियों और वनकर्मियों की इस जमीनी सक्रियता से स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। रात के सन्नाटे में वन विभाग की इस मुस्तैदी को देखकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वनाधिकारियों के खुद मौके पर डटे रहने से ग्रामीणों का मनोबल बढ़ा है। फिलहाल पूरी रात वन विभाग की टीम मैदान में डटी रही और सीमावर्ती इलाकों में लगातार गश्त जारी है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
दक्षिण मानपुर के वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रवीण कुमार देहरी –
ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के माध्यम से सूचना मिली थी कि प्रत्यक्ष रूप से बाघ देखे गए हैं। उसी के संदर्भ में मैं और मेरे वन विभाग के सभी स्टाफ रात्रि के समय यहां आए हैं। फिलहाल बाघ के विचरण या मूवमेंट का कोई नया विचार या जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन विभाग सतर्क है।














