जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के वनांचल व सीमावर्ती क्षेत्र औंधी में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अगस्त माह की शुरुआत हो चुकी है और आबकारी विभाग द्वारा औंधी तथा आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब के खिलाफ लगातार छापामार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन दूसरी ओर शासन द्वारा स्वीकृत शासकीय विदेशी मदिरा दुकान का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है। आबकारी विभाग द्वारा जून माह में ही औपचारिक निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन अगस्त का महीना शुरू होने के बाद भी दुकान का न खुलना विभागीय लापरवाही और सुस्त रवैये की ओर साफ इशारा करता है।

गौर करने वाली बात यह है कि औंधी केवल एक सामान्य ग्राम पंचायत नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण तहसील मुख्यालय है। तहसील मुख्यालय होने के नाते यहां प्रतिदिन दर्जनों पंचायतों के ग्रामीणों, व्यापारियों और सरकारी कर्मचारियों की आवाजाही लगी रहती है। क्षेत्र का प्रमुख केंद्र होने के बावजूद यहां अब तक अधिकृत मदिरा दुकान की सुविधा चालू नहीं हो सकी है। वर्तमान में औंधी से मानपुर की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। ऐसे में वैध रूप से मदिरा क्रय करने की इच्छा रखने वाले लोगों को 40 किलोमीटर का लंबा और जोखिम भरा सफर तय करके मानपुर जाना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी द्वारा औंधी में विदेशी मदिरा दुकान संचालन हेतु बाकायदा निविदा आमंत्रित की गई थी, जिसे कलेक्टर महोदया का अनुमोदन भी प्राप्त था। जून 2026 में निविदा जमा करने, खोलने और स्थल निरीक्षण की समयसीमा तय की गई थी। कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद अगस्त माह तक जमीनी स्तर पर दुकान का निर्माण या संचालन प्रारंभ न होना प्रशासनिक समन्वय की बड़ी कमी को उजागर करता है।
जब तहसील मुख्यालय में अधिकृत दुकान नहीं होगी, तो अवैध शराब की खपत को बढ़ावा मिलना स्वाभाविक है। एक तरफ आबकारी विभाग लगातार कार्रवाई का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शासन को राजस्व देने वाली अधिकृत दुकान खोलने में हीलाहवाली की जा रही है। यदि औंधी में समय रहते मदिरा दुकान का संचालन प्रारंभ कर दिया जाता, तो एक ओर जहां राज्य सरकार को राजस्व का फायदा होता, वहीं दूसरी ओर लोगों को 40 किलोमीटर दूर मानपुर जाने की मजबूरी से राहत मिलती और अवैध शराब के कारोबार पर भी पूरी तरह अंकुश लग पाता।















