औंधी: खेती-किसानी के सबसे महत्वपूर्ण सीजन खरीफ फसल की बुवाई के ठीक पहले औंधी क्षेत्र में डीजल का संकट गहराने लगा है। क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 40 गांवों के लिए साल्हे भट्टी पर स्थित RJP फ्यूल ही एकमात्र पेट्रोल पंप है, जहां इन दिनों डीजल लेने के लिए किसानों और वाहन चालकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि किसान सुबह 5:30 बजे से ही अपने-अपने ट्रैक्टरों और गाड़ियों के साथ पंप पर कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, बीते 19 मई को दोपहर के समय डीजल से भरा एक टैंकर साल्हे भट्टी पहुंचा था, लेकिन क्षेत्र में ईंधन की भारी मांग और आगामी किल्लत की आशंका के चलते शाम होते-होते ही उस टैंकर का पचास प्रतिशत यानी आधा डीजल बिक कर खत्म हो गया। जैसे ही आसपास के ग्रामीणों को पंप पर डीजल पहुंचने की भनक लगी, लोग तड़के सुबह से ही लाइन लगाकर खड़े हो गए।इस भारी किल्लत और पंप पर मची मारामारी के बीच जब स्थिति का जायजा लिया गया, तो पेट्रोल पंप प्रबंधन पीयूष मिश्रा ने बताया कि उनके पास डीजल का स्टॉक बेहद सीमित मात्रा में पहुंच रहा है। उन्होंने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि सीमित स्टॉक को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने और सभी तक ईंधन पहुंचाने के उद्देश्य से वे अभी ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों में केवल 1000 से 1500 रुपये तक का ही डीजल दे रहे हैं, ताकि कोई भी किसान खाली हाथ न लौटे और अधिक से अधिक लोगों को ईंधन मिल सके। हालांकि, पंप प्रबंधन की इस मजबूरी ने किसानों की चिंता को और ज्यादा बढ़ा दिया है क्योंकि महज इतने कम डीजल में बड़े खेतों की नागर जोताई कर पाना नामुमकिन है और किसानों को बार-बार पंप के चक्कर काटने पड़ रहे हैं जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।

गौरतलब है कि जून और जुलाई का महीना भारत में खरीफ फसलों की बुवाई का सबसे प्रमुख समय होता है, जिसके लिए अभी से ही ग्रामीण इलाकों में खेतों की जुताई और ढेरी सुधारने का काम चालू हो जाएगा। ट्रैक्टरों के माध्यम से कृषि कार्य को समय पर पूरा करने के लिए भारी मात्रा में डीजल की आवश्यकता होती है। ऐसे में डीजल की इस गंभीर किल्लत को देखकर किसान बेहद परेशान और हताश नजर आ रहे हैं। क्षेत्र के अन्नदाताओं का कहना है कि औंधी क्षेत्र एक बड़ा इलाका है जिसके तहत 40 गांव आते हैं, और यदि शुरुआती दिनों में ही डीजल-पेट्रोल के लिए इस तरह की किल्लत और मारामारी का सामना करना पड़ रहा है, तो भविष्य में जब बुवाई का मुख्य काम शुरू होगा, तब स्थिति और भी भयावह हो जाएगी। किसानों ने आशंका जताई है कि यदि आने वाले दिनों में डीजल की सुचारू आपूर्ति नहीं हुई, तो उन्हें भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा और कृषि कार्य पूरी तरह ठप हो जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों और किसान संगठनों ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए जल्द से जल्द औंधी क्षेत्र के इस एकमात्र पेट्रोल पंप पर डीजल का कोटा बढ़ाने और ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।















