केरल (Kerala) के वायनाड (Wayanad Landslide) में मंगलवार देर रात तीन घंटे में हुए चार लैंडस्लाइड ने हाहाकार मचा दिया है। करीब 22 हजार की आबादी वाले 4 गांव सिर्फ 4 घंटे में पूरी तरह तबाह हो गए। सैकड़ों जिंदगियां मलबे में दफन हो गए और सैकड़ों घर, सड़कें, स्कूल सबकुछ मलबें में तब्दील हो गया। हादसे में अबतक 175 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 200 से अधिक लोग अब भी लापता है। जैसे-जैसे रेस्कयू तेज हो रहा है, वैसे-वैसे मरने वालों का आंकड़ा भी पल-पल बदल रहा है। वहीं इस आपदा ने 11 साल पहले आई केदारनाथ त्रासदी की यादें ताजा कर दी हैं. जो रात में सोया था, उसे उठने तक का मौका नहीं मिला और सुबह मलबे में मिला। आइए 11 तस्वीरों में देखते हैं वायनाड त्रासदी का दर्दः-

वायनाड जिले में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से बचाव कार्य में रुकावट आ रही है, हालांकि सेना, नौसेना और एनडीआरएफ के रेस्क्यू टीम खराब मौसम के बीच लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।
ये घटना सुबह के वक्त हुई जब लोग अपने घरों में सो रहे थे। इस तबाही ने सैकड़ों लोगों की जिंदगी को मलबे में दफन कर दिया है। यादें के रूप में हई गई हैं तो उनकी सिर्फ तस्वीरें, जो बेजुबान होकर भी त्रासदी की चीख-चीखकर दर्द बयां कर रही हैं।
लैंडस्लाइड में सैकड़ों मकान जमींदोज हो गए हैं। गांव के नाम पर यहां सिर्फ मलबे में तब्दील मकान, सड़कें, कारें बची हैं। टूटी-फूटी गाड़ियों से डरावने लैंडस्लाइड का अंदाजा लगाया जा सकता है।
भीषण बारिश के बीच लोगों के बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 3 टीमें काम कर रही हैं। एनडीआरएफ की टीमें अपनी जान को जोखिम में डालकर मलबे में फंसे लोगों को निलाकर सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहे हैं
30 जुलाई, 2024 को वायनाड के लोगों की सुबह काफी दर्दनाक हुई तो वहीं कई लोगों को आंख खोलने तक का मौका नहीं मिला। सुबह में ही वहां पर लैंडस्लाइड की घटना हुई, जिसने कई घरों को पूरी तरह से तबाह कर दिया, कई लोग नदियों के बहाव में बह गए। पहले लोगों से गुलजार रहने वाला गांव अब नदी में तब्दील हो गया है।
संकट की इस घड़ूी में सेना पूरी तरह से मुस्तैद है। सेना के जवान लोगों को मलबे से निकालकर उन्हें सुरक्षित जगहों पर ले जा रहे हैं। तस्वीर में सेना के हौंसले को देख सकते हैं, किस तरह अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों का रेस्क्यू कर रहे हैं।
मैं हूं ना बहन…. शायद ये सेना का जवान अपने नवजात बच्चे को लिए महिला से यही कर रहा हो… सेना के जवान न सिर्फ लोगों का रेस्क्यू कर रहे हैं ब्लकि उनके लिए जरूरी सामान को भी बाहर निकालकर खुद ले जा रहे हैं।
मलबे से बुजुर्ग को निकालकर हेलीकॉप्टर से सुरक्षित स्थान पर लेकर जाता हुआ भारतीय वायुसेना का जवान।
लैंडस्लाइड की वजह नदियों का बहाव और ज्यादा तेज हो गया है. मलबे में फंसे होने की वजह से कई लोगों की मौत हो गई है। कई परिवार वालों ने शवों की पहचान कर ली है।
रेस्क्यू टीम लाशों को निकालकर केबल के सहारे नदी के पार पहुंचा रही है।

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