Search
Close this search box.

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्रांति: अब ‘अटल आरोग्य लैब’ में होंगी 134 प्रकार की जाँचें, 14 अप्रैल से होगा आगाज़

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाई देते हुए आमजन को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जाँच सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल की है। मुख्यमंत्री के विजन और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने भारत सरकार के उपक्रम ‘HLL लाइफकेयर लिमिटेड’ के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) किया है। इस साझेदारी के तहत अब पूरे प्रदेश में ‘अटल आरोग्य लैब’ का संचालन किया जाएगा, जिसका औपचारिक शुभारंभ आगामी 14 अप्रैल 2026 को बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर से होने जा रहा है।

प्रदेशवासियों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी संकल्प को धरातल पर उतारते हुए ‘छत्तीसगढ़ इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (CGIDMS) विकसित किया जा रहा है। यह पूरा नेटवर्क ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर आधारित होगा, जिसके माध्यम से राज्य भर में एक मजबूत जाँच नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 1 स्टेट रेफरल लैब, 4 संभागीय लैब, 33 जिला लैब, 12 सिविल अस्पताल लैब तथा 187 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर की लैब्स को आपस में जोड़ा जाएगा। वहीं, दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की पहुँच सुगम बनाने के लिए 814 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ‘सैंपल कलेक्शन सेंटर’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस प्रकार कुल 1051 स्वास्थ्य संस्थानों में जाँच सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को भी अपने क्षेत्र में ही उच्च स्तरीय जाँच की सुविधा मिल सकेगी।

नई व्यवस्था के लागू होने से जाँच के दायरे में व्यापक बढ़ोतरी होगी। अब जिला अस्पतालों में 134, सिविल अस्पतालों में 111, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 97 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 64 प्रकार की जाँच सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इसमें सामान्य पैथोलॉजी से लेकर जटिल मॉलिक्यूलर जाँचें भी शामिल हैं, जो अब एक ही सिस्टम के अंतर्गत मिलेंगी। आधुनिक तकनीक से लैस इन लैब्स की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि जाँच रिपोर्ट बेहद कम समय में तैयार होकर सीधे मरीज के मोबाइल पर डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी, जिससे न केवल उपचार में तेजी आएगी बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। जगदलपुर से शुरुआत के बाद जिला स्तर की लैब्स शीघ्र ही क्रियाशील होंगी और आगामी तीन माह के भीतर पूरा नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इसके साथ ही एक अत्याधुनिक ‘मॉनिटरिंग डैशबोर्ड’ और ‘कमांड सेंटर’ भी स्थापित किया जा रहा है, जिससे जाँच सेवाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता और उपयोग पर मुख्यालय से रियल-टाइम नजर रखी जा सकेगी। शासन का यह कदम प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नई दिशा देने के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए जीवन सुगम बनाने वाला साबित होगा।

Leave a Comment