*दल्ली राजहरा जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को देना पड़ा । इस मुद्दे पर जन मुक्ति मोर्चा के नगर अध्यक्ष महेंद्र गंजीर उर्फ गुड्डू ने इसे लोकतंत्र और छात्रों की एकता की जीत बताया है।महेंद्र गंजीर ने कहा कि शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर छात्र, युवा संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में देशभर के छात्र शामिल हुए और “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” के नारे गूंजे। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं और छात्रों को हो रही मानसिक परेशानी का मुद्दा उठाया था।इस्तीफे की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्र गंजीर उर्फ गुड्डू ने कहा:*”यह जीत लोकतंत्र की जीत है, यह संविधान की जीत है, छात्रों की एकता की जीत है। यह छात्रों के संघर्ष का परिणाम है।”*उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के जनदबाव से सरकार को स्थिति पर ध्यान देना पड़ता है। जन मुक्ति मोर्चा छात्रों के हितों के लिए आगे भी आवाज उठाता रहेगा।गंजीर ने सरकार से अपील की कि अब केवल नेतृत्व में बदलाव करने के बजाय शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और इसके लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है। *आंदोलन की पृष्ठभूमि*कॉकरोच जनता पार्टी ने 6 जून 2026 को जंतर-मंतर पर पहला बड़ा प्रदर्शन किया था। इसके बाद लगातार प्रदर्शन होते रहे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग नीट, सीबीएसई, सीयूईटी और एसएससी जैसी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की जांच और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी। कांग्रेस समेत कई दलों ने भी नीट पेपर लीक मामले में मंत्री के इस्तीफे और एनटीए की जेपीसी जांच की मांग की थी।जन मुक्ति मोर्चा ने कहा कि छात्रों के आंदोलन ने साबित कर दिया कि जब युवा एकजुट होते हैं तो सरकार को झुकना पड़ता है।















