October 30, 2026

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महतारी वंदन योजना से मिली संबल की राशि, भगवती ने बचत से संवार लिया आत्मनिर्भरता का सपनाकभी दूसरों पर निर्भर थीं, आज अपनी किराना दुकान से बनीं परिवार की आर्थिक ताकत कोरबा जिले में 11 नवंबर को भाई दूज पर रहेगा स्थानीय अवकाश चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के खतरे को देख मोहला-मानपुर जिले में 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी में छुट्टी घोषित *दल्ली राजहरा में ठगी का नया तरीका, खुद को पुलिस बताकर बुजुर्ग महिला से 2.5 तोला सोने की चैन और लॉकेट उड़ाया* कुसुमकसा की तीन बेटियां लोकसभा भवन में बढ़ाएंगी क्षेत्र का मान *किसान हित और जनकल्याण को समर्पित सरकार के फैसले ऐतिहासिक : स्वाधीन जैन*
महतारी वंदन योजना से मिली संबल की राशि, भगवती ने बचत से संवार लिया आत्मनिर्भरता का सपनाकभी दूसरों पर निर्भर थीं, आज अपनी किराना दुकान से बनीं परिवार की आर्थिक ताकत कोरबा जिले में 11 नवंबर को भाई दूज पर रहेगा स्थानीय अवकाश चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के खतरे को देख मोहला-मानपुर जिले में 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी में छुट्टी घोषित *दल्ली राजहरा में ठगी का नया तरीका, खुद को पुलिस बताकर बुजुर्ग महिला से 2.5 तोला सोने की चैन और लॉकेट उड़ाया* कुसुमकसा की तीन बेटियां लोकसभा भवन में बढ़ाएंगी क्षेत्र का मान *किसान हित और जनकल्याण को समर्पित सरकार के फैसले ऐतिहासिक : स्वाधीन जैन*

शासकीय नवीन महाविद्यालय औंधी में इको-फ्रेंडली रंगोली प्रतियोगिता का भव्य आयोजन, विद्यार्थियों ने प्राकृतिक रंगों से उकेरी शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं

प्रफुल कुमार बोरकर औंधी / (मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी) : मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के दूरस्थ वनांचल एवं सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित शासकीय नवीन महाविद्यालय औंधी में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत एक दिवसीय भव्य रंगोली प्रतियोगिता का गरिमामय आयोजन किया गया। कांकेर जिले की सीमा और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की सीमा से घिरे इस संवेदनशील व अंतिम छोर पर बसे क्षेत्र के महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने अपनी असाधारण रचनात्मकता, कला कौशल और सामाजिक सरोकार का अद्भुत परिचय दिया। इस पूरे आयोजन की सबसे खास और प्रेरणादायक विशेषता यह रही कि प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश देते हुए पूर्णतः इको-फ्रेंडली और ऑर्गेनिक रंगोली का निर्माण किया, जिसने उपस्थित सभी अतिथियों और प्राध्यापकों का मन मोह लिया।प्रतियोगिता के दौरान रासायनिक रंगों से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता लाते हुए किसी भी प्रकार के केमिकल युक्त रंगों का उपयोग पूरी तरह वर्जित रखा गया था। विद्यार्थियों ने हमारी प्राचीन भारतीय परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए विशुद्ध प्राकृतिक घटकों का चयन किया। इसमें मुख्य रूप से चावल का पिसा हुआ आटा, हल्दी, रोली-कुमकुम, धान, साबुत चावल, हरे पेड़ों की पत्तियां और ताजे गेंदा व गुलाब के फूलों की पंखुड़ियों का सुंदर संयोजन कर मनमोहक फ्लोरल रंगोलियां तैयार की गईं। प्राकृतिक रंगों की आभा और फूलों की खुशबू से सजे पूरे महाविद्यालय परिसर का

दृश्य अत्यंत नयनाभिराम और उत्सवमय नजर आ रहा था।इस प्रतियोगिता का प्रमुख उद्देश्य केवल कला का प्रदर्शन करना ही नहीं, बल्कि कला के माध्यम से आमजन में शासकीय नीतियों और विकास कार्यों के प्रति जनचेतना का विस्तार करना था। सीमावर्ती वनांचल क्षेत्र के छात्र-छात्राओं ने अपनी तूलिका और कल्पनाशीलता से शासन की प्राथमिकताओं और लोकहितैषी नीतियों को जमीन पर साकार कर दिखाया। विद्यार्थियों ने महिलाओं के आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन को समर्पित ‘महतारी वंदन योजना’ का मार्मिक चित्रण किया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के संकल्प से जुड़े ‘सेवा संकल्प अभियान’ व ‘नमो गाथा’ के विचारों को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया। इसके साथ ही पारदर्शी नीतियों, समावेशी विकास और सुशासन के प्रतीक ‘जन सेवा चक्र’ तथा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र को रंगों के जरिए प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया।विद्यार्थियों की रचनात्मकता यहीं तक सीमित नहीं रही, उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र बनाने के संकल्प को दर्शाते ‘विकसित भारत 2047’ के

विजन को एक बड़े फलक पर उकेरा। इसके अतिरिक्त समाज के अंतिम पंक्ति के जरूरतमंद परिवार को सुरक्षित छत मुहैया कराने वाली ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’, बालिकाओं के संरक्षण, संवर्धन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रोत्साहित करती ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना, ग्रामीण महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर स्वच्छ ईंधन का अधिकार देने वाली ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ और प्रत्येक नागरिक को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करने वाली ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ को भी बड़ी सूक्ष्मता से प्रदर्शित किया गया। साथ ही देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, तकनीकी कौशल, आधुनिक शिक्षा, नए रोजगार सृजन और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से जुड़े ‘शिक्षा, रोजगार एवं स्वास्थ्य मिशन’ की प्राथमिकताओं को भी प्राकृतिक रंगों की रेखाओं में जीवंत रूप दिया गया।इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में औंधी थाना प्रभारी नवल साव विशेष तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतियोगिता स्थल पर घूम-घूमकर विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई प्रत्येक रंगोली का बारीकी से निरीक्षण किया और छात्राओं व छात्रों की मौलिक सोच, पर्यावरण के प्रति सजगता और रंगों के कलात्मक संयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। अपने संबोधन में थाना प्रभारी नवल साव ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि महाराष्ट्र और कांकेर बॉर्डर से लगे इस सुदूर वनांचल अंचल में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच और सही मार्गदर्शन प्रदान करने की है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचाए बिना, प्रकृति की ही चीजों का उपयोग कर देश और राज्य की महात्वाकांक्षी योजनाओं को इतने प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाना अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय पहल है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में रचनात्मकता के साथ-साथ समाज, शासन और राष्ट्र निर्माण के प्रति गहरी जिम्मेदारी की भावना पैदा होती है।कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अतिथि व्याख्याता, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। महाविद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों की लगन और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बनती हैं और उन्हें पाठ्यक्रम के साथ-साथ राष्ट्रीय सरोकारों से भी जोड़ती हैं। अंत में सभी प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना के साथ यह सफल आयोजन संपन्न हुआ।

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