**दल्ली राजहरा सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खराब मौसम से नहीं हुए चांद के दर्शन, आटे की थाली में चांद बनाकर की पूजा**दल्ली राजहरा।*पति की लंबी उम्र की कामना के साथ रखा जाने वाला करवा चौथ का व्रत इस बार सुहागिनों के लिए अलग ही परीक्षा लेकर आया।

रिवाज है कि पूजा-अर्चना के बाद चांद के दर्शन कर व्रत तोड़ा जाता है, लेकिन इस बार मौसम खराब होने के कारण दल्ली राजहरा ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में कहीं भी चांद के दर्शन नहीं हुए।चांद न दिखने से सुहागिनें असमंजस में पड़ गईं। इसके बाद कई जगह सुहागिनों ने अपने निकटतम रिश्तेदारों, जो अन्य राज्यों में हैं, जहां चांद दिखा था, उनसे मंगाए गए फोटो और वीडियो में चांद के दर्शन कर अपना व्रत तोड़ा और व्रत का पारण किया।कई वर्षों बाद ऐसा हुआ है कि मौसम इस कदर खराब रहा कि अधिकतर राज्यों में चांद नहीं दिखा। कई स्थानों पर महिलाओं ने पंडितों से सलाह लेकर सफेद आटे की थाली में चांद बनाकर उसके दीदार किए और उसके बाद अपने पति की लंबी आयु की कामना करते हुए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।














