August 15, 2026

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शहीद एसपी विनोद चौबे और 29 जवानों की याद में औंधी में रक्तदान शिविर, 34 रक्तवीरों को हेलमेट देकर किया सम्मानित

मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी | CG LIVE NEWS 24 : छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती गांव औंधी में देश की रक्षा में अपनी जान न्योछावर करने वाले अमर शहीदों की याद में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 12 जुलाई 2009 को मदनवाड़ा-कोरकोट्टी के जंगलों में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए तत्कालीन एसपी और कीर्ति चक्र विजेता विनोद कुमार चौबे सहित उनके 29 जांबाज जवानों की याद में लगाया गया था। इस शहादत दिवस पर पूरे इलाके ने नम आंखों से अपने वीर सपूतों को याद किया और भारी संख्या में रक्तदान कर उन्हें एक अनोखी श्रद्धांजलि दी। यह आयोजन उस काले दिन की याद दिलाता है जब मदनवाड़ा क्षेत्र में नक्सलियों ने एक बड़े हमले को अंजाम दिया था, जिसकी सूचना मिलते ही तत्कालीन एसपी विनोद कुमार चौबे खुद मोर्चे की कमान संभालते हुए टीम के साथ रवाना हुए थे और भारी गोलाबारी के बीच लड़ते-लड़ते देश के लिए शहीद हो गए थे।

शहीदों के इसी बलिदान को नमन करने के लिए आयोजित इस शिविर में स्थानीय युवाओं, आम नागरिकों और सुरक्षा बल के जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस पुनीत कार्य में कुल 34 लोगों ने रक्तदान कर ‘रक्तवीर’ होने का गौरव हासिल किया। शिविर में समाज के प्रति एक अलग ही जिम्मेदारी भी देखने को मिली, जहाँ सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और हेलमेट लगाने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आयोजकों ने रक्तदान करने वाले सभी 34 लोगों को विशेष रूप से हेलमेट और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

देशभक्ति की इस मुहिम में पुलिस और सुरक्षा बल के जवान भी पीछे नहीं रहे। औंधी थाना प्रभारी सतीश साहू ने खुद आगे बढ़कर रक्तदान किया और क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बने। साथ ही औंधी थाना के स्टाफ राकेश कुंजाम और सोनशाय अचला ने भी ब्लड डोनेट कर समाज को एकजुटता का संदेश दिया। वहीं आंतरिक सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी डोमिकला कैंप के जांबाज जवान बी. संतोष, अनिकेत पाटिल और सुमित कुमार ने भी शिविर में पहुंचकर रक्तदान किया। सीमा पर देश की रक्षा करने वाले इन जवानों को जीवन बचाने के लिए रक्तदान करते देखना वहां मौजूद सभी लोगों के लिए गर्व और सम्मान की बात थी।

इस पूरे संवेदनशील कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय समाजसेवियों और युवाओं का बड़ा योगदान रहा। आयोजनकर्ता पवन ताम्रकार, सौरभ जैन और विकास सिडाम की अगुवाई और कड़ी मेहनत से इस शिविर की रूपरेखा तैयार की गई थी। वहीं बालाजी ब्लड सेंटर की तकनीकी टीम ने पूरी सुरक्षा और शुचिता के साथ ब्लड कलेक्शन का काम पूरा किया। इलाके के लोगों ने इस पहल की खूब तारीफ की और कहा कि शहीदों को याद रखने का इससे सुंदर और जीवंत तरीका दूसरा नहीं हो सकता।

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